रीट परीक्षा में दाे जुड़वा बहनाें के एडमिट कार्ड में एक ही रोल नंबर जारी

रीट परीक्षा में दाे जुड़वा बहनाें के एडमिट कार्ड में एक ही रोल नंबर जारी
जमना और जशोदा

बाड़मेर जिले के बलाऊ गांव निवासी दो जुड़वा बहनों ने रीट परीक्षा के लिए आवेदन फॉर्म भरा था। अब 26 सितंबर को परीक्षा होनी है, लेकिन शुक्रवार को जारी हुए एडमिट कार्ड निकाले तो दोनों के एक ही रोल नंबर और सेंटर था। इसके बाद दोनों असमजस्य में पड़ गई कि अब कौन परीक्षा दे पाएगी और कौन नहीं? क्योंकि एडमिट कार्ड तो दोनों को अलग-अलग नाम से जारी हुआ है, लेकिन रोल नंबर एक ही है।

बाड़मेर के बलाऊ जमना पुत्री हनुमानराम व जशोदा पुत्री हनुमानराम दोनों सगी और जुड़वा बहने है। जमना का फाॅर्म नं. 70906630 है, जबकि जशोदा का 70906632 है। जुड़वा होने से दोनों की जन्म तारीख 01 जुलाई 1996 है। अब शुक्रवार को एडमिट कार्ड जारी हुआ तो उसमें जशोदा और जमना दोनों के एक ही रोल नंबर 271038376 है। परीक्षा केंद्र लाछी मेमोरियल कॉलेज ऑफ साइंस जोधपुर आवंटित हुआ है।

इसके बाद दोनों अभ्यर्थी परेशान है कि एक ही रोल नंबर दोनों परीक्षाएं कैसे दे पाएगी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की इस गलती का खामियाजा इन दो बहनों को भुगतना पड़ रहा है। इसके लिए शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा को भी ट्वीट किया है और कंट्रोल रूम के नबंर पर शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन अभी तक इस असमजस्य की स्थिति के समाधान को लेकर विभागीय स्तर पर अभ्यर्थी को सूचना नहीं मिली है। दोनों बहने पिछले तीन साल से रीट के लिए तैयारी कर रही है। ऐसे में अब एडमिट कार्ड जारी होने के बाद दोनों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है और परेशान है।

महिला अभ्यार्थियों को मिल रहे सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड व राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार आरबीएसई की ओर से आयोजित रीट 2021 परीक्षा के लिए महिला अभ्यर्थियों को गृह जिला मिलना चाहिए, लेकिन कुछ महिलाओं को गृह जिला नहीं मिला। जिले की ग्राम पंचायत इसरोल के मोटाणी गोदारों की ढाणी निवासी दानाराम गोदारा ने अपनी पुत्री कमला गोदारा का इंटरनेट से रीट परीक्षा का प्रवेश पत्र निकाला तो उनको मालूम हुआ कि कमला को रीट की परीक्षा देने के लिए निवासी स्थान से 800 किमी. दूर परीक्षा केंद्र दौसा जाना पड़ेगा।

इस तरह जिले की और भी कई महिला अभ्यार्थियों का परीक्षा केंद्र गृह जिले से सैकड़ों किमी. दूर दिया गया है। महिला अभ्यार्थियों ने बोर्ड से मांग की है कि बोर्ड अपने इस निर्णय में संशोधन कर महिलाओं का रीट परीक्षा केंद्र अपना गृह जिला दिया जाए।