सेमल (शाल्मली)

शाल्मली : पत्ता नहीं एक, फूल हज़ार, क्या खूब छाई है, सेमल पर बहार

Mar 16, 2023 - 12:36
Mar 16, 2023 - 08:16
सेमल  (शाल्मली)
सेमल  (शाल्मली)
सेमल  (शाल्मली)
सेमल  (शाल्मली)

सेमल पर जब फूल आते हैं तो पत्ते सभी झड़ जाते हैं

"पत्ता नहीं एक, फूल हज़ार क्या खूब छाई है, सेमल पर बहार"

सेमल के तने पर मोटे तीखे काँटे होते हैं, जिस कारण संस्कृत में इसे 'कंटक द्रुम' नाम भी मिला है. इसके तने पर जो काँटे उगते हैं, वे पेड के बड़ा होने पर कम होते जाते हैं.सेमल वृक्ष उन पेड़-पौधों में से एक है, जिनका उपयोग मनुष्य काफ़ी लम्बे समय से विभिन्न प्रकार के लाभ अर्जित करने के लिए करता रहा है. पाँच पंखुड़ियों वाले सेमल के लाल फूल आकार में सामान्य फूलों से कहीं ज़्यादा बड़े होते हैं. फल के पकने पर जो बीज निकलते हैं, उन बीजों से रूई निकलती है, जो मुलायम व सफ़ेद रंग की होती है. पर सेमल की लकड़ी इमारती काम के लिए प्रयोग नहीं होती. सेमल का पेड़ काफ़ी बड़ा होता है. मार्च अप्रैल के माह में इस पर फूल निकलते हैं. इनका उपयोग सब्जी के रूप में किया जाता है. फूल निकलने के बाद इस पर जो फल लगता है, वह केले के आकार का होता है. इसका उपयोग कच्चा व सूखाकर सब्जी के रूप में किया जाता है. इसके फूलों की बाज़ार में भारी माँग है.

सेमल को आयुर्वेदिक पेड़ के तौर पर जाना जाता है। इसके औषधीय गुण के कारण यह पौधा कई शारीरिक समस्याओं के लक्षण को कम करने की क्षमता रखता है, जिसकी जानकारी मेरा यह लेख लेकर आया है। 

सेमल क्या है – What is Semal in Hindi

सेमल एक तरह का पेड़ है, जो मालवेसी परिवार से संबंध रखता है। इसका वैज्ञानिक नाम बॉम्बैक्स सेइबा (Bombax Ceiba) है। सेमल के पेड़ को ​मालाबार कॉटन ट्री, रेड सिल्क कॉटन और रेड कॉटन के नाम से भी जाना जाता हैं। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 30 मीटर तक होती है ।

सेमल की पत्तियां छह से सात के समूह में होती हैं और इस पेड़ पर लाल रंग के फूल खिलते हैं। इसके फूल में ही फल भी लगते हैं, जो शुरुआत में हरे रंग और समय बीतने पर भूरे या काले होने लगता हैं । सेमल के इन सभी हिस्सों का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।

सेमल के औषधीय गुण – Semal Medicinal Properties 

सेमल औषधीय गुणों का भंडार है। इसमें फेनोलिक कंपाउंड, त्वचा को एजिंग से बचाने वाली एंटीएजिंग क्षमता और शरीर को ठंडा करने वाला कूलिंग प्रभाव होता है। साथ ही सेमल में एंटीमाइक्रोबियल, एंटी-कैंसर, एंटी-एचआईवी और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि पाई जाती हैं। इनके अलावा, सेमल में मौजूद अन्य गुण कुछ इस तरह हैं ।

सेमल में एस्ट्रिंजेंट कंपाउंड होता है, जिससे त्वचा में कसावट आ सकती है

शरीर की गतिविधि को बढ़ाने वाला स्टीमुलेंट गुण

ड्यूरेटिक यानी मूत्रवर्धक प्रभाव होता है

सेमल में कामोत्तेजना को बढ़ाने वाला ऐफ्रडिजीऐक गुण होता है

सूजन कम करने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पाया जाता है

एनाल्जेसिक प्रभाव, जिससे दर्द कम होता है

रक्तचाप को कम की हाइपोटेंशन क्षमता होती है

रक्त शुगर नियंत्रित करने वाली हाइपोग्लाइसेमिक गतिविधि से युक्त हैं 

सेमल के फायदे – Benefits of Semal 

सेमल में कई प्रकार के गुण होते हैं, जो इसे सेहत के लिए उपयोगी बनाते हैं। 

1. ल्यूकोरिया से राहत 

महिलाओं की प्रजनन आयु यानी 15 से 45 की बीच की उम्र में होने वाली आम समस्याओं में से एक ल्यूकोरिया यानी वेजाइनल डिस्चार्ज है। इससे महिला की दिनचर्या ही प्रभावित हो जाती है । इस परेशानी को कुछ कम करने में सेमल मदद कर सकता है। एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार, सेमल के फूल और फल के उपयोग से यह शिकायत कम हो सकती है 

सेमल की जड़ को भी ल्यूकोरिया के लिए फायदेमंद बताया जाता है । दरअसल, कैनडीडा अल्बिकन्स फंगस को वेजाइनल डिसचार्ज की एक वजह माना गया है । इसे फंगस को बढ़ने से रोकने और नष्ट करने में सेमल में मौजूद एंटी माइक्रोबियल प्रभाव मददगार साबित हो सकता है । 

2. खून साफ करने के लिए

खून को साफ करने में भी सेमल का पेड़ फायदेमंद साबित हो सकता है। सेमल के पत्तियों को पुराने समय से ही ब्लड प्यूरीफिकेशन यानी खून साफ करने के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है। साथ ही सेमल के फल में भी रक्त को साफ करने की क्षमता होती है। इससे रक्त संबंधी समस्याएं भी ठीक हो सकती हैं 

3. मासिक धर्म में मदद 

मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए भी सेमल के फूल के फायदे देखे जा सकते हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, सेमल की जड़ में एंटी ऑक्सीडेंट क्षमता होती है। इस प्रभाव के कारण सेमल को मासिक धर्म के दौरान होने वाले अत्यधिक रक्तस्त्राव को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है । साथ ही यह मासिक धर्म को नियमति करने और इससे संबंधित अन्य विकार को दूर कर सकता है ।

4. यूरिनरी डिसऑर्डर के लिए 

यह मूत्राशय से जुड़ी समस्या होती है । इसे ठीक करने के लिए सेमल का उपयोग किया जा सकता है। इस संबंध में प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च में इस बात की पुष्टि भी होती है। शोध में कहा गया है कि यह यूरिनरी अंगों के मेमबरेन (दो सेल्स के बीच की झल्ली) पर अच्छा प्रभाव डाल सकता है । इसका सकारात्मक असर यूरिनरी संबंधी समस्या पर पड़ सकता है।

 सेमल के उपयोग से यूरोलिथियासिस (मूत्राशय की पत्थरी) के खिलाफ प्रोटेक्टिव यानी सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ता है। इस कारण सेमल मूत्राशय की पथरी से बचाव कर सकता है ।

5. ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन

सेमल की जड़ के फायदे ब्रेस्ट मिल्क में सुधार करने के लिए हो सकते हैं  एक वैज्ञानिक शोध की मानें, तो सेमल की जड़ की छाल के पाउडर का नियमित रूप से सेवन करने से ब्रेस्ट मिल्क में सुधार हो सकता है। साथ ही सेमल की जड़ को धोकर पाउडर बनाने के बाद दूध में मिलाकर पीने से भी ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन बढ़ सकता है । 

6. खांसी से राहत 

खांसी की शिकायत से जूझ रहे लोग भी सेमल का इस्तेमाल कर सकते हैं  दरअसल, सेमल में एंटी-माइक्रोबियल प्रभाव होता है, जो कई समस्याओं के लक्षण को कम करने का काम कर सकता है। इन समस्याओं में से एक खांसी भी है । ऐसे में कह सकते हैं कि खांसी से राहत दिलाने के लिए सेमल मूसली के फायदे अनेक हैं।

7. त्वचा के लिए 

सेमल के फूल के फायदे में त्वचा संबंधित समस्याओं से बचाव भी शामिल है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, सेमल में एंटीएजिंग क्षमता होती है, जो उम्र बढ़ने के कारण त्वचा पर दिखने वाली झुर्रियों को कम कर सकता है । अन्य अध्ययन के मुताबिक, सेमल की पत्तियों और छाल में एंटी-एक्ने क्षमता होती है, जो मुंहासे की समस्या से राहत दिला सकती है । साथ  ही इसमें एंटी माइक्रोबियल प्रभाव होता है, जो फोड़े और चिकन पॉक्स जैसी त्वचा संबधी समस्याओं को कम कर सकता है । रिसर्च में कहा गया है कि सेमल की जड़ से बने पेस्ट को मुंहासे, त्वचा के दाग-धब्बे और पिगमेंटेशन के घरेलू इलाज में इस्तेमाल किया जा सकता है। यही नहीं, सेमल को झाई और जले हुए निशान को हल्का करने के लिए भी जाना जाता है ।

सेमल खाने का सही तरीका – How to Use Semal

सेमल का पेड़ भले ही फायदेमंद है, लेकिन इसके फायदे तभी होते हैं, जब इसे सही तरह से इस्तेमाल किया जाए। इसके प्रभावी असर के लिए सेमल को कुछ इस तरह से उपयोग किया जा सकता है।

कैसे उपयोग करें :

सेमल चूर्ण को दूध या पानी के साथ मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

इसके पाउडर को शहद के साथ भी ले सकते हैं।

सेमल के ताजे पत्तों के रस को छानकर इसमें पानी मिलाकर पी सकते हैं।

इसके छाल से पेस्ट बनाकर त्वचा में हुई समस्या पर लगा सकते हैं।

सेमल जड़ का पाउडर, काली मिर्च और अदरक पाउडर से साथ मिक्स करके चूर्ण बना सकते हैं।

सेमल की पत्तियों, जड़ या छाल से काढ़ा बना सकते हैं।

इसके चूर्ण को रात में सोने से पहले दूध या पानी में मिलाकर पी सकते हैं।

सेमल की पत्तियों के जूस को सुबह पिया जा सकता है।

इसके काढ़े को सर्दी-जुकाम के दौरान किसी भी समय ले सकते हैं।

कितना उपयोग करें :

सेमल के सेवन की सही मात्रा व्यक्ति के स्वास्थ्य और उम्र पर निर्भर करती है। इसी वजह से इसे जानने के लिए डायटीशियन या डॉक्टर की मदद लें सकते हैं। हम आगे स्वस्था वयस्क के लिए रिसर्च के आधार पर सेमल की सुरक्षित मात्रा बता रहे हैं 

सेमल का तना-छाल और जड़ को 5-10 ग्राम ले सकते हैं

फल को 1-3 ग्राम तक खाया जा सकता है

इसके फूल को 10-20 ग्राम

सेमल के गोंद को 1 से 2 ग्राम तक ले सकते हैं ।

आपको यह जानकारी कैसी लगी हमे बताएं। 

Narpat Singh Shekhawat Traditional Yoga instructor , A volunteer nature lover, clean environment health world, tree our friend, social work since 2015, encouraging youth. One World One Meditation - Continuing efforts to spread the message of unity, peace and love. (Master of Arts)