ग्रेटा थनबर्ग मामले में पहली गिरफ्तारी:बेंगलुरु से 21 साल की एक्टिविस्ट अरेस्ट, किसान आंदोलन के समर्थन वाली टूलकिट एडिट करने का आरोप

ग्रेटा थनबर्ग मामले में पहली गिरफ्तारी:बेंगलुरु से 21 साल की एक्टिविस्ट अरेस्ट, किसान आंदोलन के समर्थन वाली टूलकिट एडिट करने का आरोप

ग्रेटा थनबर्ग मामले में पहली गिरफ्तारी:बेंगलुरु से 21 साल की एक्टिविस्ट अरेस्ट, किसान आंदोलन के समर्थन वाली टूलकिट एडिट करने का आरोप

नई दिल्ली15 मिनट पहले

21 साल की दिशा रवि फ्राइडे फॉर फ्यूचर नाम की संस्था की फाउंडर मेंबर हैं। ये संस्था कई देशों में क्लाइमेट से जुड़े मसलों पर काम करती है। - Dainik Bhaskar

21 साल की दिशा रवि फ्राइडे फॉर फ्यूचर नाम की संस्था की फाउंडर मेंबर हैं। ये संस्था कई देशों में क्लाइमेट से जुड़े मसलों पर काम करती है।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने बेंगलुरु से 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार किया है। दिशा फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैम्पेन की संस्थापकों में से एक हैं। उन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया गया। दिशा पर आरोप है कि उन्होंने किसान आंदोलन से जुड़ी टूलकिट को एडिट किया है।

दरअसल, ये टूलकिट तब चर्चा में आई थी, जब स्वीडन की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था। उन्होंने टूल किट शेयर करने के साथ ही किसान आंदोलन का भी समर्थन किया था। 4 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

कौन है दिशा रवि?

दिशा नार्थ बेंगलुरु के सोलादेवना हल्ली इलाके की रहने वाली है। 21 साल की दिशा के पिता मैसूरु में रहते हैं और पेशे से एथलेटिक्स कोच हैं। दिशा की मां हाउस वाइफ हैं। स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर ग्रेटा के टूलकिट कैम्पेन का हिस्सा थीं।

ग्रेटा थनबर्ग ने 3 फरवरी की देर रात सोशल मीडिया पर टूलकिट नाम का एक डॉक्यूमेंट शेयर किया। इसी पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके अगले दिन ग्रेटा फिर ट्वीट किया और कहा कि मैं अब भी किसानों के साथ खड़ी हूं।

ग्रेटा थनबर्ग ने 3 फरवरी की देर रात सोशल मीडिया पर टूलकिट नाम का एक डॉक्यूमेंट शेयर किया। इसी पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके अगले दिन ग्रेटा फिर ट्वीट किया और कहा कि मैं अब भी किसानों के साथ खड़ी हूं।

ट्विटर ने डिलीट किए थे ग्रेटा के ट्वीट्स

ग्रेटा ने 3 फरवरी को ट्वीट कर किसान आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने इसमें एक टूलकिट शेयर की थी। इसमें 26 जनवरी को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बारे में जानकारी शेयर की गई थी। इसके बाद ट्विटर ने इस डॉक्युमेंट को प्रतिबंधित कर ग्रेटा के ट्वीट डिलीट कर दिए थे।

इसके बाद खबरें आईं कि दिल्ली पुलिस ने ग्रेटा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, बाद में पुलिस ने इस बारे में स्थिति स्पष्ट की और बताया कि FIR में किसी का नाम नहीं लिखा गया है। ये केस केवल टूल किट बनाने वालों के खिलाफ दर्ज किया गया है और ये अभी जांच का विषय है।

टूलकिट क्या है?

टूलकिट एक डॉक्यूमेंट है। इसमें बताया गया है कि आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर समर्थन कैसे जुटाया जाए, किस तरह के हैशटैग का इस्तेमाल किए जाएं, प्रदर्शन के दौरान अगर कोई दिक्कत आए तो कहां कॉन्टैक्ट करें? इस दौरान क्या करें और क्या करने से बचें?