मौसम बदलाव के साथ ही शुरू हुई रबी फसलों की बुआई
दिन व रात के पारे में गिरावट के साथ ही अब मौसम बदलने लगा है तथा किसान रबी फसलों की बुआई में जुट गए है। चार दिन पूर्व कई क्षेत्रों में हुई बारिश ने भी किसानों की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। कृषि अधिकारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि तापमान में गिरावट के बाद अब मौसम रबी फसलों की बुआई के अनुरूप हो गया है। रात में हल्की ठंड व दिन में गर्मी कम होने लगी है, ऐसे में किसान नवंबर की शुरूआत तक सरसों व चने की बुआई कर सकते है।
इसके अलावा गेहूं व जौ की बुआई नवंबर के अंत तक की जा सकती है। शर्मा ने बताया कि किसान बुआई से पूर्व बीजोपचार व मिट्टी की अच्छी तरह से जुताई करवाए, ताकि खरपतवार नष्ट हो जाए तथा बीज सही अंकुरित हो। कृषि विभाग की ओर से इस बार तीन लाख 86 हजार हैक्टेयर में रबी फसलों की बुआई का लक्ष्य तय किया गया है। सबसे अधिक दो लाख 35 हजार हैक्टेयर में चना, 75 हजार हैक्टेयर में सरसों, 35 हजार हैक्टेयर में गेहूं सहित अन्य फसलों को शामिल किया गया है।
गत वर्ष के मुकाबले इस बार रबी फसलों की बुआई का रकबा 97 हजार हैक्टेयर अधिक रखा गया है, जिसमें चने का 50 हजार, सरसों का 25 हजार व तारामिरा का 10 हजार हैक्टेयर अधिक रखा गया है। चार दिन पूर्व चूरू में हल्की तथा सरदारशहर, तारानगर व रतनगढ़ में मध्यम दर्जे की बारिश हुई थी, वहीं रविवार को भी दोपहर बाद बादलों की आवाजाही रहने के कारण किसान मावठ की उम्मीद लगा रहे है। किसानों की माने तो अगर मावठ होती है, तो इस बार चने का रकबा काफी बढ़ सकता है। हालांकि अभी बुआई बहुत ही धीमी गति से हो रही है।
कृषि विभाग की ओर से निर्धारित बुआई का लक्ष्य
फसल 2020 लक्ष्य गेहूं 35000 जौ 10000 चना 235000 सरसों 75000 तारामिरा 14000 अन्य 17000 कुल 386000


