10वीं मंजिल से कूदी छात्रा बोली थी- आंटी ने धमकाया:महिला के बेटे से बात करती थी लड़की, सुसाइड से पहले भाई को किया फोन
कोटा में 10वीं मंजिल से कूदकर छात्रा के सुसाइड मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। सुसाइड से करीब दो घंटे पहले छात्रा की अपने बड़े भाई से मोबाइल पर बात हुई थी।फोन पर छात्रा ने उसी की बिल्डिंग में रहने वाली किसी आंटी का जिक्र किया था। छात्रा ने अपने भाई को बताया कि आंटी उसे धमका रही थी।जानकारी अनुसार, छात्रा जिस आंटी का जिक्र कर रही है। वो सांचौर की रहनी वाली हैं। अपने बेटे के साथ इसी बिल्डिंग में रहती हैं।बताया जा रहा है महिला का बेटा और छात्रा एक दूसरे से बात करते थे। यह बात महिला को पता लग गई थी। महिला छात्रा को समझाने उसके रूम पर गई थी। महिला ने छात्रा से पढ़ाई पर फोकस करने के लिए कहा था।
मृतक बच्ची के बड़े भाई कैलाश से बातचीत...
कृष्णा के बड़े भाई कैलाश ने बताया- वो अलवर गया हुआ था। आज सुबह 5 बजे ही कोटा लौटा हूं। मुझे कुछ भी पता नहीं है। पापा के आने के बाद ही पता लगेगा।बुधवार शाम 5 बजे बहन से फोन पर सामान्य बात हुई थी। उसने कहा था- एक आंटी आकर उसे धमका रही है। ये आंटी सोसाइटी की रहने वाली है उससे कहा था- मैं आकर बात करता हूं। ये आंटी कौन है, इस बारें में मुझे जानकारी नहीं है। उसके बारे में पता कर रहे हैं।कैलाश ने बताया- कृष्णा को कोई तनाव नहीं था।12वीं की पढ़ाई और साथ-साथ नीट की तैयारी को लेकर भी उसको कोई दिक्कत नहीं थी। वो पढ़ाई में अच्छी थी।उसके पास मोबाइल भी नहीं था। लैपटॉप से पढ़ाई करती थी। बुधवार शाम को दोनों बहन साथ ही थीं। बड़ी वाली बहन बाथरूम में थी।
दोनों बहनों के बीच में बात हुई या नहीं यह मुझे पता नहीं है। क्योंकि दूसरी बहन अभी सदमे में है। वह कुछ भी नहीं बोल पा रही। सहमी हुई है।कैलाश ने बताया- उसके पिता का बेंगलुरु में स्टील का बिजनेस है। हादसे की जानकारी मिलते ही वो बेंगलुरु से रवाना हो गए। मम्मी हाउस वाइफ हैं।बाड़मेर में रहती हैं। उसका सबसे छोटा भाई भी बाड़मेर रहता है। यहां उसकी मौसी का लड़का पढ़ाई करता है, जो घटना के वक्त ट्यूशन गया था।
मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के मैनेजर
मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के मैनेजर आकाश यादव ने बताया- बुधवार शाम को ऑफिस में बैठा हुआ था। उसी समय गार्ड बुलाने आया कि कोई गिर गया है। हम लोग देखने गए। सेकेंड फ्लोर की बालकनी के छज्जे पर एक लड़की कमर के बल लटकी हुई थी।ग्राउंड फ्लोर पर खून फैला था। मेरे साथ एक स्टूडेंट था। हम दोनों दौड़कर दूसरे माले पर गए। बालकनी के छज्जे पर जाकर लड़की को संभाला।उसे उठाकर तुरंत निजी हॉस्पिटल लेकर भागे। जब तक उसकी सांसें चल रही थी। उसकी हालत गंभीर थी। फिर वहां से उसे एमबीएस हॉस्पिटल लेकर आए। ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर उसे मृत घोषित किया।
सुरक्षा गार्ड ने भी मना किया था महिला को
मंगलवार रात 2 बजे बिल्डिंग की वीं मंजिल पर चिल्लाने की आवाज आ रही थी। लोगों की शिकायत पर सिक्योरिटी गार्ड वहां पहुंचा था। जहां पर छात्रा, आरोपी लड़का और उसकी मां मौजूद थीं।
इस दौरान आरोपी की मां किसी से फोन पर बात कर रही थी और तेज-तेज बोल रही थी। साथ ही आरोपी लड़का और छात्रा को भी फटकार लगा रही थी। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड ने ही उन्हें अपने-अपने फ्लैट में जाने के लिए कहा था। शोर भी नहीं करने के लिए कहा था।
डीएसपी शंकर लाल ने बताया कि अभी परिजनों ने शिकायत नहीं दी है। महिला द्वारा छात्रा को समझाने वाली बात सामने आई है। इस संबंध में महिला से पूछताछ की गई है। परिजनों द्वारा शिकायत देने के आधार पर कार्रवाई करेंगे।
Naresh Chouhan 

