नए रोडवेज बस स्टैण्ड को जमीन की दरकार, कई नए प्रोजक्ट को भी इंतजार

नए रोडवेज बस स्टैण्ड को जमीन की दरकार, कई नए प्रोजक्ट को भी इंतजार

केन्द्रीय बस स्टैण्ड को शहर के पास दूसरी जगह स्थानांतरित करने की जरूरत लंबे समय से है, लेकिन रोडवेज को इसके लिए जमीन नहीं मिल पाई है। यूआईटी केन्द्रीय बस स्टैण्ड के लिए हनुमान सर्किल के पास जमीन अवाप्त कर चुकी, लेकिन रोडवेज प्रशासन की ओर से यूआईटी को राशि का भुगतान नहीं कराने से बस स्टैण्ड का मामला अभी अधर में है।अलवर. केन्द्रीय बस स्टैण्ड को शहर के पास दूसरी जगह स्थानांतरित करने की जरूरत लंबे समय से है, लेकिन रोडवेज को इसके लिए जमीन नहीं मिल पाई है। यूआईटी केन्द्रीय बस स्टैण्ड के लिए हनुमान सर्किल के पास जमीन अवाप्त कर चुकी, लेकिन रोडवेज प्रशासन की ओर से यूआईटी को राशि का भुगतान नहीं कराने से बस स्टैण्ड का मामला अभी अधर में है।

करीब 8380 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले अलवर जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश के बड़े जिलों में शामिल है। यहां सरकारी जमीन की कमी नहीं है, लेकिन ज्यादातर जमीन अतिक्रमण की भेंट चढ़ने के कारण अलवर में रोडवेज के केन्द्रीय बस स्टैण्ड एवं अन्य नए प्रोजेक्टस के लिए प्रशासन को जमीन तलाशने में पसीने आ रहे हैं। यही कारण है कि सरकार के कई जरूरी प्रोजेक्ट जमीन के फेर में उलझ अभी तक धरातल पर नहीं आ सके हैं।
रोडवेज बस स्टैण्ड के लिए भी जमीन की जरूरत
शहर में रोडवेज का केन्द्रीय बस स्टैण्ड आबादी क्षेत्र के बीच है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में रोडवेज बसों का संचालन होता है। रोडवेज बस स्टैण्ड से बसों के निकास का रास्ता भी आबादी क्षेत्र से निकलता है, ऐसे में सड़क दुर्घटना की आशंका ज्यादा रहती है। अलवर में कई दशक से रोडवेज बस स्टैण्ड आबादी क्षेत्र में संचालित है और यहां से निकलने वाली बसों से पूर्व में कई बार दुर्घटना होने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। यही कारण है कि रोडवेज बस स्टैण्ड से निकलने वाले दो रास्ते अब तक बदले जा चुके हैं। केन्द्रीय बस स्टैण्ड के लिए यूआईटी पूर्व में जमीन अवाप्त कर चुकी है, लेकिन रोडवेज विभाग इस जमीन की राशि नहीं चुका पाया है। इस कारण रोडवेज के नए केन्द्रीय बस स्टैण्ड का निर्माण अभी नहीं हो पाया है। वहीं प्रशासन भी नए बस स्टैण्ड के लिए जमीन मुहैया नहीं करा पाया है