भरतपुर में दहशत की रात: सटोरिया और हिस्ट्रीशीटर में विवाद के बाद पथराव; वाहनों के साथ ही कई घर के शीशे टूटे, पौन घंटे बाद पहुंची पुलिस बिना कार्रवाई लौटी

भरतपुर में दहशत की रात: सटोरिया और हिस्ट्रीशीटर में विवाद के बाद पथराव; वाहनों के साथ ही कई घर के शीशे टूटे, पौन घंटे बाद पहुंची पुलिस बिना कार्रवाई लौटी

शहर के मथुरा गेट थाना क्षेत्र के गुलालकुंड मोहल्ले में बुधवार देर रात अचानक पथराव होने से करीब डेढ़ घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। यहां रहने वाले सट्‌टेबाज राकेश और उसके पास आए हिस्ट्रीशीटर अज्जू ठाकुर में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा कि रात 11.30 बजे पथराव तक पहुंच गया। जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान मोहल्ले के डरे-सहमे लोग अपने घरों में दुबके रहे।

स्थानीय लोगों ने मथुरा गेट थाना प्रभारी को फोन किया, पर पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद कंट्रोल रूम को फोन किया गया। तब जाकर पौन घंटे बाद चेतक के तीन सशस्त्र पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। ये पुलिसकर्मी बिना कोई कार्रवाई किए सटोरिए राकेश को समझाकर चले गए। साथ ही, उसे सलाह दी कि थाने आकर मुकदमा दर्ज कराओ। पुलिस के जाने के बाद बदमाश फिर मोहल्ले में आ गए और दुबारा गाली-गलौज एवं पथराव करने लगे। इस पथराव में वहां खड़े एक टेम्पो सहित मोहल्ले के कुछ घरों के शीशे भी टूटे।

स्थानीय लोग पहले भी कर चुके शिकायत

स्थानीय लोगों का कहना है कि सट्‌टे की खाईवाली करने वाले राकेश के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज हुई हैं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। हिस्ट्रीशीटर अज्जू ठाकुर कई मामलों में वांछित है। स्थानीय लोगों ने यहां नियमित रूप से पुलिस गश्त कराए जाने की मांग भी की है।

शहर में पथराव और फायरिंग की घटनाएं आम
शहर में पथराव और फायरिंग की घटनाएं आम बात हो गई हैं। पिछले दिनों एसटीसी हाउसिंग बोर्ड, नदिया मोहल्ला और हीरादास चौराहा समेत कई कॉलोनियों में ऐसी वारदातें हो चुकी हैं।

मथुरा गेट थाने के सामने ही चलता है सट्‌टा कारोबार
मथुरा गेट थाने के सामने मोहल्ले में सट्‌टे का कारोबार खुलेआम चलता है। ऐसा नहीं कि पुलिस को इसकी सूचना न हो फिर भी इस पर कार्रवाई नहीं की जाती।