13370 किसान करेंगे सरकारी स्तर पर उन्नत किस्मों की खेती
कोरोना संकट के बीच कृषि विभाग द्वारा सीकर जिले में 13370 किसानों से सरकारी स्तर पर रबी फसलों की उन्नत किस्म की खेती करवाई जाएगी। कृषि विभाग की योजना के मुताबिक 4036 हेक्टेयर में ज्यादा उत्पादन देने वाली फसलों की उन्नत किस्म के फसल प्रदर्शन लगाए जाएंगे। 5300 लघु सीमांत किसानों को हिसार बीज अनुसंधान केंद्र से तैयार की गई सरसों की किस्म आरएच 0749 का बीज ₹उपलब्ध करवाया जाएगा।
कृषि उपनिदेशक शिवजी राम कटारिया के अनुसार सरसों का बीज मिनी किट 2 किलो का है। यह किस्म प्रति हेक्टेयर 28 से 30 क्विंटल तक पैदावार देगी। सरसों के बीज वितरण में एससी-एसटी बीपीएल व महिला किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यालय से बीज का आवंटन किया जा चुका है। विभाग की टीम ने गांवों का चयन कर पात्रता के अनुसार बीज का वितरण भी शुरू कर दिया है। फसल प्रदर्शनों का बीज भी किसानों को सितंबर अंत तक वितरित करवाना शुरू कर दिया जाएगा।
अधिकतम आधा हेक्टेयर तक ही अनुदान
कृषि विभाग ने जिलेभर में 4036 हेक्टेयर में सरसों,चना,जौ व गेहूं आदि फसलों का फसल प्रदर्शन कार्यक्रम भी तय कर लिया है। 23 हेक्टेयर में चना के फसल प्रदर्शन, 650 हेक्टेयर में गेहूं, 1861 हेक्टेयर में सरसों तथा 1478 में जो की फसल के प्रदर्शन लगाए जाएंगे। फसल प्रदर्शन में लागत मूल्य का 50% तक खर्च कृषि विभाग के द्वारा वहन किया जाएगा तथा शेष राशि किसानों को वहन करनी होगी। एक किसान को अधिकतम आधा हेक्टेयर तक ही अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।
फसल प्रदर्शन पर किसानों को अनुदान
चने के फसल प्रदर्शन लगाने वाले किसानों को एन एस एस एम की अलग-अलग दो स्कीम में एक हेक्टेयर तक 9000 से ₹12500 तक का अनुदान दिया जाएगा। अधिकारियों ने अनुदान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गेहूं के फसल प्रदर्शन पर प्रति हेक्टेयर 7500 से ₹12500 तक सरसों की फसल प्रदर्शन पर 8000 तक तथा जो के फसल प्रदर्शन पर 6000 से ₹12500 तक विभिन्न तरह के रसायन एवं पोषक तत्वों के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है।


