कोविड पीड़त छात्रों के साथ धोखा, एनटीए ने जेईई मेन-2 लिए बिना ही जारी कर दी ऑल इंडिया रैंक
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेन परीक्षा में कोविड पॉजिटिव छात्रों के साथ बड़ा धोखा किया है। पहले एनटीए ने कहा था कि ऐसे छात्रों की परीक्षा बाद में होगी, लेकिन एनटीए ने बिना किसी परीक्षा के जेईई मेन-1 के आधार पर उनकी ऑल इंडिया रैंक तक घोषित कर दी।
मतलब परीक्षा की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही कोविड पॉजिटिव छात्रों का परिणाम जारी कर दिया। एनटीए ने ऐसा कई छात्रों के साथ किया है। इसका खुलासा तब हुआ जब भास्कर ने कोविड पॉजिटिव छात्रों के जेईई के परिणामों को टटोला। छात्रों की मार्कशीट में जेईई-2 (अप्रैल-सितंबर) में एब्सेंट लिखा आ रहा है।
वहीं ऑल इंडिया रैंक उनके मेन-1(जनवरी) के स्कोर के आधार पर निकाल दी गई। जो छात्र सिर्फ मेन-2 ही देना चाहते थे और संक्रमित होने से परीक्षा नहीं दे पाए, उनका भी साल बर्बाद होगा। सबसे पहले एनटीए ने पीड़ित छात्रों को सेंटर्स पर बुलाया, वहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि एग्जाम बाद में होगा।
जेईई मेन-2 में करीब दो लाख छात्र अनुपस्थित रहे थे, उनमें से कोविड के कारण कितने एब्सेंट रहे, उनकी संख्या अभी तक भी जारी नहीं हुई। सवाल यह है कि एनटीए ने इस मामले में पारदर्शिता क्यों नहीं बरती और रिजल्ट जारी करने की बात को पहले क्यों नहीं बताया?


