कोर्ट का फैसला: करंट से मौत मामले में डिस्कॉम काे क्षतिपूर्ति के 60 लाख देने के आदेश
जिला न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश गुप्ता ने सांगलिया पीठ के मेले में ढाई साल पहले करंट से श्रद्धालु की मौत के मामले में बिजली निगम को बतौर क्षतिपूर्ति 52.61 लाख रुपए भुगतान का आदेश दिया। इस राशि पर अक्टूबर 2018 से 6 फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा।
ऐसे में निगम काे मृतक आश्रितों को करीब 60 लाख रुपए का भुगतान होगा। अधिवक्ता पोखरमल भीचर ने बताया कि श्रीगंगानगर निवासी सीताराम तीन सितंबर 2018 को सांगलिया पीठ के मेले में आया हुआ था। श्रद्धालुओं के रहने की व्यवस्था के लिए टैंट में व्यवस्था की गई थी। चार सितंबर को टांसफार्मर में फाल्ट आने से टैंट के पाइप में करंट आ गया।
करंट की चपेट में आने से इलाज के दौरान सीताराम की मौत हो गई। मृतक भारतीय सेना में मिलिट्री अस्पताल में कार्यरत था। एडवोकेट प्रदीप कालेर ने बताया कि मृतक की पत्नी शंकुतला देवी व नाबालिग बेटे नितिन व पीयूष ने निगम की गलती बताते हुए कोर्ट में वाद दायर किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश ने बिजली निगम को 52 लाख 61 हजार 24 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति के आदेश दिए। इसमें दाहसंस्कार आदि के लिए 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति शामिल है।
कोर्ट ने निगम की गलती मानते हुए क्षतिपूर्ति राशि तय की
वादीगण ने कोर्ट में तर्क दिया कि सीताराम टैंट के पोल को पकड़ कर खड़ा था। ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने से मंदिर पीठ की सर्विस लाइन जलने से मंदिर की फिटिंग आदि जल गए। इससे टैंट के लोहे के पाइप में करंट आ गया। करंट आने से पोल पकड़कर खड़े सीताराम की मौत हो गई। हालांकि निगम ने इस तथ्यों को खारिज किया। लेकिन कोर्ट ने निगम की गलती को मानते हुए क्षतिपूर्ति राशि तय की।


