हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन: भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्री होंगे आमने-सामने, लेकिन दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत नहीं होगी
अफगानिस्तान में आज यानी मंगलवार को हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस की शुरूआत हो रही है। इसमें भारत-पाकिस्तान समेत दुनिया के 30 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। खास बात है कि इस सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्री आमने-सामने भी होंगे, लेकिन दोनों के बीच किसी भी तरह की द्विपक्षीय बातचीत नहीं होगी।
विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद ताजिकिस्तान पहुंचे
हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ताजिकिस्तान के दुशांबे पहुंच चुके हैं। सुबह 10 बजे से सम्मेलन की शुरूआत हो चुकी है। इसमें सभी देश एशिया के विकास और शांति को लेकर चर्चा करेंगे। कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। सीज फायर उल्लंघन को लेकर पुराने समझौतों पर अमल करने की दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद ये पहली बार है जब दोनों देश के विदेश मंत्री आमने-सामने होंगे। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इसी पर टिकी होगी कि अगर दोनों आमने-सामने आते हैं तो कैसा बर्ताव करेंगे?
मोदी ने पाकिस्तान दिवस की बधाई दी थी
हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान दिवस पर पाकिस्तान की जनता और प्रधानमंत्री इमरान खान को बधाई दी थी। उन्होंने इमरान खान को पत्र लिखकर इसकी बधाई दी थी। इसके बाद इमरान खान के कोरोना पॉजिटिव होने पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करके उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच इन कदमों को काफी सकारात्मक तरीके से देखा जा रहा है।
कई सम्मेलनों में देखी जा चुकी है तल्खी
- सितंबर 2018 में नेपाल में चल हुए सार्क सम्मेलन में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपना भाषण खत्म करने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी के भाषण का इंतजार नहीं किया था और वहां से चली गई थीं।
- सितंबर 2019 में न्यूयॉर्क में पाक विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के भाषण का बहिष्कार किया था।


