एमएसपी से कम खरीद पर 3-5 साल जेल और 5 लाख रु. जुर्माना तय

एमएसपी से कम खरीद पर 3-5 साल जेल और 5 लाख रु. जुर्माना तय
सीएम गहलोत

राजस्थान विधानसभा में सोमवार को कुल 5 बिल पास हुए। इनमें केंद्र के कृषि कानूनों को निष्प्रभावी बनाने वाले 3 नए कृषि बिल शामिल हैं। इसके अलावा मास्क अनिवार्य करने और 5 एकड़ तक कृषि भूमि कुर्क न करने का बिल भी पास किया गया। राजस्थान केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ कानून लाने वाला पंजाब के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है। नए कृषि बिलों के मुताबिक अगर काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग में किसान को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से नीचे फसल बेचने पर मजबूर किया जाता है, तो 3-5 साल तक की जेल होगी।

साथ ही 5 लाख रु. का जुर्माना भी लगेगा। केंद्रीय कानून में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट में किसानों और कंपनियों के बीच विवाद होने पर केवल एसडीएम तक ही केस लड़े जाने का प्रावधान है, जबकि नए कानून के तहत किसान सिविल कोर्ट में भी जा सकेंगे। उधर, भाजपा ने इन बिलों को संविधान विरोधी और किसान विरोधी बताते हुए वाॅकआउट किया। वहीं, सीएम गहलोत ने सोशल मीडिया पर कहा, इन नए बिलों से किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें सुरक्षा देने में मदद मिलेगी।

कटारिया vs - शांति धारीवाल, संसदीय कार्यमंत्री

कांग्रेस सिर्फ आलाकमान को खुश करने के लिए ये कर रही है, पीएम ने किसानों को बचाने की कोशिश की : कटारिया

गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष
गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष

^किसान नीलाम हाे रहा था और उसे पीएम माेदी ने कृषि बिल लाकर बचाने की काेशिश की है। इस बिल की कमेटी में कई सीएम शामिल रहे थे। सदन में कांग्रेस ने जाे बात की है, उसे साबित करने के लिए केंद्र के बिल पर अंडरलाइन करके दें। कांग्रेस अपने आलाकमान काे खुश करने के लिए ऐसा कर रही। अडानी- अंबानी का नाम ले रहे हाे ये बताओ कि झाडाेल में काैनसे अंबानी अाएंगे। विवाद पर किसान काे सिविल काेर्ट में भेजने का प्रावधान कर रहे हाे, पर वहां चक्कर लगाने में उम्र गुजर जाती है।
- गुलाबचंद कटारिया, नेता प्रतिपक्ष

केंद्र कृषि बिल से किसानों की मौत का सामान लाया है, वह किसानों को दूसरों के दरवाजे पर बांधना चाहता है: धारीवाल

-शांति धारीवाल, संसदीय कार्यमंत्री
-शांति धारीवाल, संसदीय कार्यमंत्री

^केंद्र कृषि बिलाें के जरिए किसानों की माैत का सामान लेकर आई है। वह किसानाें काे दूसरों के दरवाजे पर बांधना चाहती है। राज्य सरकाराें ने किसानाें काे खुद के उत्पाद दूसरी जगह बेचने पर कब राेक लगाई। केंद्र शांता कुमार की रिपाेर्ट लागू कराना चाहती है जिसमें एमएसपी खत्म करने की बात है। केंद्र ने एमएसपी पर जिक्र नहीं किया है। केंद्र का रिलायंस सहित कुछ पूंजीपतियों की कृषि में एंट्री कराने का उद्देश्य है। मंडियाें के सामने काॅरपाेरेट के लाेग दुकान लगाकर बैठेंगे ताे मंडियाें में क्या हाल हाेगा।
- शांति धारीवाल, संसदीय कार्यमंत्री

गहलोत सरकार ने बिल में जिस तरह की भाषा इस्तेमाल की है उससे लगता है कि केंद्र में पाकिस्तान की सरकार: राठौड़

^राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए संशोधन बिल के उद्देश्य व कारणों में केंद्रीय बिल के खिलाफ जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है उसे देखकर लगता है कि केंद्र में पाकिस्तान की सरकार है। सदन में जिन बिलों की चर्चा हो रही है वे सितंबर 2020 में ही लोकसभा व राज्यसभा में पारित होकर राष्ट्रपति से हस्ताक्षरित हो चुके हैं। ऐसे में केंद्र का कानून, विधानसभा के कानून पर प्रभावी होता है। - राजेंद्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष