कोरोना सख्ती पर CM का मंत्रियों के साथ मंथन: जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा में लग सकती हैं लॉकडाउन जैसी पाबंदियां, राज्य में कर्फ्यू अवधि बढ़ाने पर भी विचार, फैसले का इंतजार
कोरोना के रोज बढ़ते मामलों के बाद अब राजस्थान सरकार सख्ती बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सीएम निवास पर चार घंटे तक चली मंत्रिपरिषद की बैठक कोरोना से पैदा हुए हालात और आगे सख्त फैसले लेने पर चर्चा की गई। बैठक में कोराना से ज्यादा प्रभावित जिलों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाने पर चर्चा हुई। हालांकि मुख्यमंत्री कई बार लॉकडाउन नहीं लगाने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन अब विशेषज्ञों ने लॉकडाउन जैसी ही सख्ती की सलाह दी है। ज्यादा प्रभावित जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा सहित दर्जन भर जिलों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगना तय माना जा रहा है।
मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास बोले- सारी सख्ती करें लेकिन लाॅकडाउन न लगाएं
परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने मंत्रिपरिषद की बैठक में लॉकडाउन नहीं लगाने की पैरवी की। बैठक के बाद भास्कर से बातचीत में खाचरियावास ने कहा- कोरोना प्रभावित जिलों में सारी सख्ती की जाए लेकिन लाॅकडाउन किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए, लॉकडाउन कोरोना का समाधान नहीं है। कर्फ्यू की अवधि और दायरा बढ़ा दीजिए और सख्ती कर दीजिए लेकिन मैं लॉकडाउन लगाने के खिलाफ हूं।
लॉकडाउन लगाया जाए या कर्फ्यू की अवधि बढ़ाई जाए
मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्रियों ने ज्यादा प्रभावित दर्जन भर जिलों में सख्ती करने की सलाह दी लेकिन पूरी तरह लॉकडाउन से बचने को कहा है। मंत्रियों ने ज्यादा प्रभावित जिलों में कर्फ्यू की अवधि बढ़ाने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने शनिवार रात को ही चिकित्सा विशेषज्ञों,कोरोना कोर ग्रुप सहित ज्यादा प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स, एसपी के साथ तीन घंटे तक बैठक की थी। एक्सपर्ट ने 15 दिन के लॉकडाउन की सलाह दी थी। मंत्रिपरिषद की बैठक में इसी बात पर सहमति बनी कि कर्फ्यू की अवधि को ही बढ़ाकर ज्यादा सख्ती की जाए। इसके बारे में आधिकारिक घोषणा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शाम को करेंगे।
विशेषज्ञों की सलाह लॉकडाउन
मंत्रिपरिषद की बैठक में तीन प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई। पहला बिंदु लॉकडाउन का था, कई मंत्रियों का मानना है कि पूरे प्रदेश को लॉकडाउन करना सही नहीं रहेगा। इसकी जगह ज्यादा प्रभावित जिलों में कर्फ्यू की अवधि को बढ़ा दिया जाए और वीकेंड कर्फ्यू जारी रखा जाए। उधर, विशेषज्ञों ने लॉकडाउन की सलाह दी है। बैठक में कोविड के अलावा केंद्र सरकार की ऑक्सीजन सप्लाई नीति पर भी चर्चा हुई।
गहलोत की प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित, ओपन बैठक में भी फैसला नहीं हुआ
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने करीब दो घंटे तक कोराना पाबंदियों पर ओपन बैठक की लेकिन लॉकडाउन या कर्फ्यू को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ। इस ओपन बैठक में मेडिकल एक्सपर्ट्स ने लॉकडाउन का सुझाव दिया लेकिन मुख्यमंत्री ने सबकी सलाह से फैसला करने की बात कही। इस बैठक में पाबंदियों पर फैसला होना था।


