लाॅकडाउन का ये असर भी: वैक्सीन को लेकर लोगों का कम हो रहा रुझान, सेंटर पर नहीं पहुँच रहे है लोग, बना रहे है कर्फ्यू का बहाना
जिले में वैक्सीन को लेकर लोगों का रुझान खत्म होता दिख रहा है। जिले में वैक्सीन की उपलब्धता होते हुए भी लोग इस कार्य से जुड़ नहीं रहे। लोग कर्फ्यू का ही बहाना बनाने लगे हैं। उनका कहना है कि कर्फ्यू के कारण हम वैक्सीनेशन नहीं करवा पा रहे हैं। जबकि मेडिकल टीम और प्रशासन का भी कहना है कि वैक्सीनेशन के लिए सभी को छूट दी गई है।
पूर्व में वैक्सीनेशन का रुझान बढ़ाने के लिए जिला कलेक्टर की ओर से तीन दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन हर ग्राम पंचायत में किया गया, लेकिन यहां भी लोग वैक्सीन लगाने से कतराते नजर आ रहे हैं। जहां जिले में प्रतिदिन 10 से 13 हजार टीके लगते थे, वही आज वह संख्या 3 हजार पर आकर रह गई।
जिले में 600 से ज्यादा कोरोना संक्रमित
जिले में गुरुवार को लगभग 600 से अधिक कोरोना पॉजिटिव लोग पाए गए। ऐसे में प्रशासन की ओर से जहां टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। वही लोग धीरे-धीरे टीकाकरण से दूर होते जा रहे हैं। अभी तक एक मई से शुरू होने वाले 18 वर्ष के आयु वर्ग के टीकाकरण का कार्य सरकारी आदेश के कारण अटका हुआ है। वहीं 45 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के टीकाकरण में लोग जुड़ ही नहीं पा रहे हैं, जबकि जन जागरूकता से सभी को लगातार जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
ब्लॉक चित्तौड़गढ़ मुख्य चिकित्सा अधिकारी खंड चित्तौड़गढ़ हरीश उपाध्याय ने बताया कि जिले में अभी तक लगभग 13 हजार वैक्सीनेशन के डोज उपलब्ध है। गुरुवार को ही 101 सेंटर में वेक्सीन कार्य हुआ लेकिन मात्र 3542 लोग ही लगाने पहुंचे। आज भी लगभग 42 सेंटर में वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है। टारगेट 8400 लोगों का है। अनुशासन पखवाड़ा जिस दिन से लागू हुआ है, उसी दिन से लोगों का आना भी कम हो गया है। लगातार विभाग द्वारा।समझाइश की जा रही है।


