अलवर से 80 किमी दूर किसान आंदोलन से शहर में रोजाना लगता है जाम टोल वालो की कमाई हुई दुगनी

अलवर से 80 किमी दूर किसान आंदोलन से शहर में रोजाना लगता है जाम टोल वालो की कमाई हुई दुगनी

किसान आंदोलन का असर अब अलवर शहर में वाहनों के जाम के रूप में दिखने लगा हैं। भले ही अलवर शहर से करीब 80 किलोमीटर दूर शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। दिल्ली जाने वाले वाहन शाहजहांपुर से करीब 90 किलोमीटर पहले ही शाहपुरा से अलवर की तरफ डायवर्ट होने लग जाते हैं। इस कारण अलवर शहर के कटीघाटी में रोजाना कई घंटे का जाम लगने लगा है। जैसे-जैसे शाम होती जाती है ट्रैफिक बढ़ता जाता है। फिर रात भर यहां जाम रहता है।

जिससे कटीघाटी पर 24 घंटे तक पुलिस लगानी पड़ रही है। ताकि वाहनों की आवाजाही जारी रहे। दरअसल, कटीघाटी से वाहन भूगोर बाइपास होते हुए कुछ वाहन रामगढ़ से होते हुए दिल्ली की तरफ जाते हैं तो कुछ वाहन भिवाड़ी होते हुए निकलते हैं।

शाहजहांपुर में किसान आंदोलन के कारण टोल प्लाजा ही आय आधी से भी कम हो गई है। ठीक उसी तरह ट्रैफिक अलवर की तरफ से डायवर्ट होने से रामगढ़ व भिवाड़ी रोड पर लगने वाले टोल की आय करीब दुगनी हो गई है। एक तरह से यहां की टोल कम्पनी को बड़ा फायदा होने लगा है।

नेशनल हाइवे से कुछ वाहन जयपुर से डायवर्ट होकर बहरोड़ से अलवर रूट की तरफ आते हैं। बहरोड़ से ततारपुर चौराहे तक एक टोल लगता है। ततारपुर से खैरथल-किशनगढ़बास होते हुए जाने पर खैरथल के निकट भी टोल आता है। इससे आगे भिवाड़ी के पास में टोल आता है।