किसान आंदोलन पर अमरिंदर की चिंता: पंजाब के CM बोले- संघर्ष लंबा खिंचा तो गलत और खतरनाक लोग इसमें घुसपैठ कर सकते हैं

किसान आंदोलन पर अमरिंदर की चिंता: पंजाब के CM बोले- संघर्ष लंबा खिंचा तो गलत और खतरनाक लोग इसमें घुसपैठ कर सकते हैं
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के 80 हजार किसान दिल्ली बॉर्डर पर 58 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो हालात खतरनाक हो सकते हैं।

किसान आंदोलन पर अमरिंदर की चिंता:पंजाब के CM बोले- संघर्ष लंबा खिंचा तो गलत और खतरनाक लोग इसमें घुसपैठ कर सकते हैं

चंडीगढ़8 घंटे पहलेलेखक: हेमंत अत्री

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के 80 हजार किसान दिल्ली बॉर्डर पर 58 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो हालात खतरनाक हो सकते हैं। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के 80 हजार किसान दिल्ली बॉर्डर पर 58 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो हालात खतरनाक हो सकते हैं। (फाइल फोटो)

सरकार और किसानों के बीच कृषि कानूनों पर बात आखिरकार नहीं बन पाई है। सरकार ने यह कहते हुए गेंद किसानों के पाले में डाल दी है कि हमने तो कई प्रस्ताव दिए और अब इस पर किसानों को फैसला लेना है। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि बातचीत से रास्ता न निकल पाने का हमें अफसोस है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र और किसानों के बीच इस गतिरोध पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर इस आंदोलन का हल जल्द नहीं निकला तो आंदोलन में गलत और खतरनाक लोग घुसपैठ कर सकते हैं।

पंजाब सीमावर्ती राज्य, केंद्र गंभीरता को समझे- अमरिंदर

अमिरंदर ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझना चाहिए। पंजाब बॉर्डर से सटा प्रदेश है और यहां के 80 हजार किसान दिल्ली बॉर्डर पर 58 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो हालात खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि पंजाब सरकार आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा और नौकरी देगी।

दीपेंद्र हुड्डा बोले- कांग्रेस इस पर संसदीय रणनीति बनाए

राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भास्कर से बातचीत में कहा कि वो सभी बॉर्डर प्वाइंट्स पर गए हैं, जहां किसान धरना दे रहे हैं। सीमाओं पर ढाई लाख से ज्यादा किसान आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सोचना चाहिए कि इस आंदोलन को लेकर संसदीय रणनीति बनाई जाए।