FD से मोटा मुनाफा अपनी छोटी बचत को बड़ा बनाएं

Big profits from FD, make your small savings big

FD से मोटा मुनाफा अपनी छोटी बचत को बड़ा बनाएं

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में पांचवीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट अभी 6.5 फीसदी के स्तर पर हैं।

वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने भी इंटरेस्ट रेट भी जस की तस ही रखी हैं। माना जा रहा है कि अगले साल इन दरों में कम से कम तीन बार कटौती की जाएगी।

दरअसल, रेपो रेट में कोई बदलाव होता है तो उसका सीधा असर फिक्स्ड डिपॉजिट्स यानी एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों पर पड़ता है। जब रेपो रेट में कटौती होती है तो एफडी पर मिलने वाला ब्याज भी कम हो जाता है।

छोटी-छोटी रकम में और अलग-अलग समय के लिए करें एफडी

अगर आप अपनी बचत से ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं, तो आप अपने निवेश को अलग-अलग मैच्योरिटी तारीखों के साथ अलग-अलग फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में बांट दें।

लंबे समय के लिए एक एफडी में अपना सारा पैसा लगाने के बजाय, आप इसे छोटी-छोटी राशियों में बांट सकते हैं और कई एफडी में निवेश कर सकते हैं।

लैडरिंग स्ट्रेटेजी से आपको कई साल तक मुनाफा, चॉकलेट की तरह करें इस्तेमाल

मान लीजिए कि आपके बचत खाते में 5 लाख रुपए हैं। अगर आप इस रकम को एक ही एफडी में डालते हैं, तो आपको एक तय पीरियड और ब्याज दर का चुनाव करना होगा। इससे आपको हो सकता है कि बेहतर रिटर्न न मिले।

लेकिन, आप 'लैडरिंग' रणनीति का इस्तेमाल करते हैं, तो आप अपने पैसे को 5 अलग-अलग एफडी में अलग-अलग ब्याज दरों और समय अवधि के साथ बांट कर सकते हैं।

जैसे, आप 4.5% ब्याज दर पर एक साल के लिए एक FD, 5% ब्याज दर पर दो साल के लिए एक और FD करवा सकते हैं। इसी तरह हर एफडी अलग-अलग समय पर रीन्यू या मैच्योर होगी।

ऐसा करके आप अपने पैसे पर बेहतर औसत रिटर्न कमा सकते हैं। कुछ एफडी में ब्याज दरें अधिक हो सकती हैं, जिससे आपको बदले में अधिक पैसा मिलता है।

यह चॉकलेट्स की तरह है, जिनका आप अलग-अलग समय पर आनंद उठा सकते हैं। हर एफडी आपको अलग-अलग समय पर ब्याज सहित आपको बेहतरीन रिटर्न देगी।

निवेश का सही समय क्या है

फाइनेंशियल एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी कहते हैं कि बाजार का नियम तो ये कहता है कि जब ब्याज दरें अधिक हों, तो आप अपनी जमा रकम को लंबी अवधि के लिए निवेश करें और जब वे कम हों तो उन्हें बढ़ाएं और ऊंचे रिटर्न का इंतजार करें।

अभी चूंकि रेपो रेट में कटौती नहीं हो रही है तो यह आपके लिए अच्छा समय हो सकता है।

ऐसे वक्त में एफडी में निवेश से कैसे उठा सकते हैं फायदा

जितेंद्र सोलंकी बताते हैं कि जब भी रेपो रेट बढ़े हैं तो एफडी पर ज्यादा ब्याज मिलता देखा गया है। यानी, अगर आप ऐसे समय में अपने पैसे को शॉर्ट टर्म से मिड टर्म तक के लिए लगाते हैं तो आपको काफी अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

ऐसे में आपको जल्द से जल्द इस समय एफडी में 3 साल तक के लिए पैसे जमा कर सकते हैं। वहीं, अगर आपको लंबे समय के लिए एफडी में निवेश करना है तो लैडरिंग स्ट्रेटेजी अपनाएं, ताकि आपको ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिल सके।

एफडी में निवेश करना भारतीयों को पसंद

देश में एफडी की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि 24.2 मिलियन डिपॉजिट्स में कुल 103 ट्रिलियन की रकम एफडी में जमा है।

यानी भारत में औसतन 4.25 लाख एफडी के रूप में जमा है। इसी साल बैंक बाजार के एक सर्वे में यह बात सामने आई है।

सर्वे में यह भी कहा गया है कि एफडी लोगों के लिए सबसे पसंंदीदा निवेश का विकल्प है। भारतीय औसतन 4.26 लाख रुपए एफडी में जमा कर रहे हैं।

छोटी-छोटी बचत के लिए एफडी बेहतर, मिड टर्म एफडी में निवेश से दोहरा फायदा

वैसे तो छोटी-छोटी बचत करने वालों के लिए एफडी बेहतर विकल्प है, मगर ये बात ध्यान में जरूर रखनी चाहिए कि शॉर्ट टर्म एफडी में आपको ब्याज कम मिलता है।

वहीं, लॉन्ग टर्म एफडी में पैसे जमा करने पर ब्याज दरें बढ़ीं तो उसका फायदा आपको नहीं मिल पाता है। वहीं, मिड टर्म की स्पेशल एफडी में आप 2 से 3 साल तक के लिए पैसे जमा कर सकते हैं।

ऐसे में अगर रेपो रेट घटता भी है तो एफडी रेट घटने से भी आपको नुकसान नहीं होगा। सबसे अच्छा तरीका यही होता है कि मिड टर्म के लिए पैसे लगाएं और उसके बाद जैसा मार्केट हो उसी के हिसाब से अपने पैसों को फिर से निवेश कर दें।

इससे आपको दोहरा फायदा मिलेगा। पहला-ये कि आपके पैसे लंबे वक्त के लिए लॉक नहीं होंगे और दूसरा-आपसे बेहतर निवेश का कोई मौका भी नहीं छूटेगा।

ब्याज दरों के बदलाव का असर नहीं

FD पर ब्‍याज दरों में बदलाव का असर नहीं होता है। एक बार जिस ब्‍याज दर FD में आपने निवेश कर दिया, उसी ब्याज दर पर आपको गारंटीड रिटर्न मिलेगा। इस दौरान, अगर ब्याज दर कम होती है तो भी तय ब्याज ही मिलेगा। अगर इस दौरान बैंक अपनी ब्याज दर को बढ़ा देती है तो निवेशक को इसका फायदा नहीं मिलता है।