अलवर में आजीवन कारावासी बंदी की मौत, न्यायिक जांच के आदेश
अलवर। अलवर के केंद्रीय कारागृह में आजीवन कारावासी एक बंदी की मौत हो गई है। हत्या के एक मुकदमे में आजीवन कारावासी 46 वर्षीय भवानी सिंह गुर्जर पुत्र बाबूलाल गुर्जर की रविवार रात अचानक तबीयत खराब हो गई थी। बाद में इस बंदी ने राजीव गांधी राजकीय सामान्य चिकित्सालय में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम कराने के बाद बंदी का शव उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। इस मामले में जिला कलेक्टर ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय कारागृह के अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि कारावासी दंडित बंदी भवानी सिंह गुर्जर (46) एक व्यक्ति की हत्या करने के जुर्म में इन दिनों यहां आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। तिजारा के अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रेक) ने वर्ष 2009 में हुए एक हत्याकांड के मुलजिम भवानी सिंह को 28 जनवरी 2010 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस बंदी की 5 जुलाई को अचानक तबीयत खराब हुई। जेल की डिस्पेंसरी में चिकित्सक ने उसकी स्वास्थ्य जांच की एवं उसे बेहतर उपचार के लिए राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस गार्ड इंचार्ज हैड कांस्टेबल लक्ष्मी नारायण ने इसकी जानकारी जेल प्रशासन को दी।
उन्होंने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद सोमवार सुबह बंदी के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। सूचना देकर बंदी के परिजनों को बुला लिया गया और शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी की मौत पर फिलहाल परिजनों ने कोई ऐतराज व्यक्त नहीं किया है। इस मामले की न्यायिक जांच हो रही है।
Satveer Choudhary 

