राेक के बावजूद स्टूडेंट्स को अपने घरों पर बुलाकर ट्यूशन दे रहे सरकारी टीचर
डीग कस्बे में कई शिक्षक पढ़ा रहे ट्यूशन, कुछ ने पत्नियों के नाम से कोिचंग क्लास खोली, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
सरकारी स्कूलों के ज्यादातर शिक्षकों का ध्यान छात्रों को स्कूल में पढ़ाने की बजाय उन्हें घरों या अन्य किराए के स्थानों पर बुलाकर पढ़ाने में है। स्थिति यह है कि अब बच्चे भी स्कूलों में पढ़ाई करने की बजाए ट्यूशन पर निर्भर हैं। ट्यूशन पर प्रतिबंध होने के बावजूद कई सरकारी शिक्षक बेखौफ ट्यूशन पढ़ा रहे हैं। कई सरकारी स्कूलों से जुडे शिक्षकों ने तो अपनी पत्नियों के नाम से निजी स्कूलों का संचालन शुरू कर दिया है।
ऐसे में सरकारी स्कूलों के शिक्षा स्तर का घटना स्वभाविक है। क्योंकि आजकल हर कोई अपने बच्चे को बड़े प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना चाहता है। शहर में कई स्थानों पर ट्यूशन क्लास संचालित हो रही हैं। इनका संचालन सरकारी स्कूल के शिक्षक कर रहे हैं। कोचिंग सेंटर भी शहर में दर्जनभर से अधिक स्थानों पर हैं। सुबह से इन ट्यूशन सेंटरों पर बच्चों की भीड़ एकत्रित हो जाती है, जो दोपहर तक चलती है।
इसके बाद शाम से ट्यूशन पढ़ाने का सिलसिला फिर शुरू हो जाता है जो देर रात तक चलता है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक ट्यूशन सेंटर संचालित नहीं कर सकते, बावजूद शहर में सरकारी शिक्षक बेखौफ ट्यूशन सेंटरों का संचालन कर सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाकर मोटी कमाई कर रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि उनके उच्च अधिकारियों को ये सब नहीं पता हो, उच्च अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी कार्रवाई के बजाय आंख मूंदे बैठे हैं।
शिक्षक विशेष ध्यान दें तो ट्यूशन की जरूरत ही नहीं
डर इस बात का भी कि कहीं कोरोना क्लास न ले ले
कोरोना महामारी को लेकर अभी हालात सही से सुधरे नहीं है। स्वास्थ्य संगठन तीसरी लहर की आशंका जता चुके हैं। ऐसे हालात में ट्यूशन संचालित कर रहे शिक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। वे चोरी छिपे घर पर 40-50 बच्चों की ट्यूशन क्लास चला रहे हैं। बच्चों को पास-पास बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इस दौरान कई तो मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। ये आंखों देखी तस्वीरें डीग क्षेत्र की हैं, लेकिन हालत पूरे जिले में ऐसे ही हैं।
सरकारी स्कूलों के शिक्षक ट्यूशन सेंटर संचालित कर रहे है, यह मामला मेरी जानकारी में नहीं हैं। अगर ऐसा है तो पता करता हूं और सख्त कार्रवाई भी होगी।
प्रेमसिंह कुंतल, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय
स्कूलों में ना तो बच्चे और ना ही शिक्षक लगा रहे मास्क, बढ़ रहा कोराना संक्रमण का खतरा
कुम्हेर| स्कूलाें में कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार की स्पष्ट गाइड लाइन के बावजूद भी विद्यालय संचालक कोरोना गाइड लाइन की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गुरुवार को संवाददाता ने कई विद्यालयों का निरीक्षण कर कोरोना गाइडलाइन की पालना के बारे में जानकारी ली तो सरकारी विद्यालय गोमती प्रसाद रामा विद्यालय गुदड़ी, भारतीय आदर्श विद्यापीठ मा वि कुम्हेर मे अधिकांश छात्र-छात्राओं सहित टीचरों ने क्लास में मास्क नहीं पहन रखे थे जब उनसे प्रश्न किया तो उनका कहना था कि मास्क घर पर भूल आए। वही मानव भारती सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में भी कुछ बच्चों ने मास्क नहीं पहन रखे थे।


