बिना जांच के सुमन शर्मा की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव, उनके देवर को सरकारी रिपोर्ट में कोरोना बताया, प्राइवेट में निगेटिव निकले
कोरोना टेस्टिंग को लेकर हैरान करने वाला वाकया सामने आया है। बिना कोविड टेस्ट के ही महिला को पॉजिटिव बता दिया गया, जबकि उनके परिवार के सभी सदस्य जांच में निगेटिव आए हैं। हद तो तब हो गई, जब अगले दिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी कोरोना की सूचना चस्पा करने तक आ गए। पिछले दिनों मालवीय नगर में कोरोना जांच के लिए शिविर लगा था।
इसमें महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा के परिवार के सदस्यों ने सैंपल दिए थे, लेकिन व्रत होने की वजह से सुमन शर्मा ने टेस्ट नहीं करवाया, लेकिन रिपोर्ट आई तो परिवार के सभी सदस्य निगेटिव निकले और टेस्ट नहीं करवाने वाली सुमन शर्मा संक्रमित बताया गया। शर्मा ने कहा-मेरे पति के मोबाइल पर मैसेज आया कि सुमन शर्मा कोरोना पॉजिटिव हैं।
मुझे आश्चर्य के साथ गुस्सा भी आया। ऐसा लगा कि सारी टेस्टिंग फेक है। जिस व्यक्ति ने जांच ही नहीं कराई वो पॉजिटिव कैसे आ सकती है? मैंने डॉक्टर को फोन कर आपत्ति जताई। फिर भी अगले दिन कर्मचारी घर पर कोरोना की सूचना चस्पा करने पहुंच गए। हालांकि उन्होंने मना कर दिया।
सुमन का सरकार से सीधा सवाल- ये क्या तमाशा हो रहा है
सुमन शर्मा ने कहा कि मैं सीएम और चिकित्सा मंत्री से पूछना चाहती हूं कि ये क्या तमाशा हो रहा है। राजस्थान की सरकारी संस्थाओं पर विश्वास करे या नहीं। शर्मा ने अपने देवर के बारे में भी बताया और कहा कि मेरे देवर ने भी कोरोना टेस्ट कराया था। सरकारी जांच में वो पॉजिटिव आए, लेकिन हमने प्राइवेट टेस्ट करवाया तो रिपोर्ट निगेटिव आई। मुझे लगता है- सब धोखा है। इस गड़बड़झाले की जांच करानी चाहिए। कोरोना बीमारी नहीं बल्कि भय है।


