पहली बार प्लास्टिक के मिश्रण से बनेगी 250 किमी सड़कें
जिले में अब जल्द ही प्लास्टिक मिश्रित सड़कें नजर आएंगी। ये डामर की सड़क से अधिक मजबूत और टिकाऊ होंगी। इनके बारिश में भी खराब होने की आशंका नहीं रहेगी। इस साल जिले में 250 किलोमीटर प्लास्टिक मिश्रित सड़क निर्माण का लक्ष्य मिला है।
ये पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी होंगी। शुरुआत में प्लास्टिक कोटेड सड़क ग्रामीण इलाकों में बनेंगी। सड़क निर्माण में कचरे में निकलने वाले प्लास्टिक का उपयोग करने से सड़क मजबूत हाेगी। प्लास्टिक कचरे से बनी सड़क पानी भी कम सोंखेगी।
जिले में अभी डामर और सीमेंट-कंक्रीट की सड़कों का प्रचलन ज्यादा है। सीमेंट-कंक्रीट तड़क जाता है जबकि डामर ज्यादा गर्मी होने पर पिघलने लगता है और बारिश में उखड़ जाता है। इस समस्या से निजात के लिए जिले में अब प्लास्टिक कोडेट सड़कें बनाने की योजना तैयार की गई है।


