50 लाख स्टूडेंट्स के लिए सभी भर्ती परीक्षा मुफ्त:राजस्थान के 40 हजार से ज्यादा स्कूल में पहली से 12वीं फ्री एजुकेशन

राजस्थान सरकार के बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बार यूथ को भी बहुत कुछ दिया है। सबसे बड़ी राहत कॉम्पिटिशन एग्जाम देने वाले कैंडिडेट्स को मिली है। सभी भर्ती परीक्षाओं को मुफ्त करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस फैसले से 50 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स को फायदा होगा।

सरकार राजस्थान में महात्मा गांधी की विचारधारा इस संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए शांति एवं अहिंसा विभाग की स्थापना करेगी। ् इसके तहत प्रत्येक गांव और शहरों में वार्ड स्तर पर 50 हजार महात्मा गांधी सेवा प्रेरक की भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही सेवा प्रेरकों द्वारा संविधान केंद्र का संचालन भी किया जाएगा।

साथ ही, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और आवासीय हॉस्टल भी बनेंगे। सबसे बड़ी घोषणा पहली से 12वीं तक के स्टूडेंट के लिए है। इन्हें RTE (राइट टु एजुकेशन) के तहत फ्री में पढ़ाया जाएगा। वर्तमान में करीब 40 हजार से ज्यादा स्कूल RTE पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। इसमें 4 लाख से ज्यादा सीटें हैं।

कॉलेज में ही कैंपस प्लेसमेंट की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी। ताकि पढ़ाई के दौरान ही नौकरी मिल जाए। प्रदेश में प्रदेश के करीब 4 हजार कॉलेज में पढ़ाई के बाद स्टूडेंट को नौकरी को मिल सकती है। इसका सीधा लाभ 20 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को मिलेगा।

अशोक गहलोत ने पहले ही ये क्लियर कर दिया था कि इस बार का बजट यूथ को ध्यान में रखते हुए होगा। सरकार ने खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए आने वाले साल में पूरे प्रदेश में राजीव गांधी ग्रामीण और शहरी ओलिंपिक का आयोजन कराने का निर्णय लिया है। साथ ही, युवाओं के लिए राजीव गांधी नेशनल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम की शुरुआत की जाएगी। छात्राओं को स्कूटी योजना के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटी वितरित की जाएगी। भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह एसओजी के अधीन होगी।

कॉम्पिटिशन एग्जाम

  • SOG के अधीन हाईटेक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया जाएगा।
  • सभी जिलों में ऑनलाइन सुविधा युक्त एग्जामिनेशन सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए 250 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
  • प्रतियोगी परीक्षा में अब बायोमेट्रिक तकनीक से अटेंडेंस होगी।
  • वन-टाइम रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू की जा रही है। इसमें आवेदन के बाद प्रदेश में होने वाली सभी भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी फ्री में शामिल हो सकेंगे। इस योजना पर 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। 50 लाख से ज्यादा कैंडिडेट को फायदा होगा।
  • प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए जिला मुख्यालय पर 75 करोड़ की लागत से स्टडी सेंटर के साथ आवासीय हॉस्टल बनेंगे। इसमें 100 युवा एक साथ ठहर सकेंगे।
  • राजस्थान में ब्लॉक मुख्यालयों पर सावित्री बाई वाचनालय और डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी।
  • RPSC और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के आधुनिकीकरण के लिए 50 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
  • रोजगार

    • 4 साल के कार्यकाल में 1 लाख 42 हजार पदों पर नियुक्ति दी जा चुकी है। वहीं 1 लाख 81 हजार से ज्यादा प्रक्रियाधीन है। ऐसे में राजस्थान में 5 साल में कुल 3 लाख 23 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है।
    • 2023 में 100 जॉब फेयर लगाए जाएंगे। इसमें 30 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही प्रदेश के कॉलेजों में कैंपस प्लेसमेंट की व्यवस्था भी की जाएगी
    • 18 से 35 साल तक की उम्र के युवाओं को मुख्यमंत्री लघु उद्योग योजना के साथ 10 से 15 प्रतिशत तक 5 लाख तक की सीमा की मार्जिन मनी दी जाएगी।
    • स्वरोजगार के लिए विश्वकर्मा कल्याण योजना शुरू की जाएगी। युवाओं को 5000 रुपए तक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे एक लाख युवा लाभान्वित होंगे।
    • स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए युवाओं को 250 करोड़ की राशि दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें आई स्टार्ट फंड के माध्यम से मैचिंग शेयर की सीमा 25 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए की गई है।
    • राजस्थान के युवाओं को स्टार्टअप में सहयोग करने के लिए 75 करोड़ रुपए की लागत से स्कूलों और कॉलेजों में आई स्टार्ट लॉन्च पैड की स्थापना की जाएगी।
    • राजस्थान के 30,000 हस्तशिल्पी कलाकारों को राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मेलों और प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा 10,000 की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी

    इस तरह से होगी विश्वकर्मा योजना
    विश्वकर्मा कल्याण योजना के तहत अल्प आय वर्ग की महिलाओं, कामगार और जरूरत मंद वर्ग के हस्तशिल्पी, केशकला, माटीकला कारीगरों के साथ घुमंतू समाज के लोगों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
    योजना के तहत किट, उपकरण-सिलाई मशीन खरीदने के लिए 5-5 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसका फायदा 1 लाख युवाओं को मिलेगा।

    कॉलेज

    • कोटा में RSMML (राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड) के सहयोग से माइनिंग यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी।
    • राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना में 200 बच्चों की जगह अब 500 बच्चों को हर साल वित्तीय सहायता दी जाएगी।
    • कॉलेज में NET(National Eligibility Test), SLET(State Level Eligibility Test) वाले शोधार्थियों को 20 हजार की स्कॉलरशिप दी जाएगी।
    • हायर एजुकेशन में शोध, सेमिनार, नए रिसर्च के लिए 25 हजार तक की सहायता राशि दी जाएगी।
    • टीचर्स इंटरफेज ऑफ एक्सीलेंस के तहत 500 शिक्षकों का चयन कर देश-विदेश में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।
    • हायर एजुकेशन में शैक्षणिक सुधार और ओरिएंटेशन के लिए जयपुर में फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी स्थापित की जाएगी। इस पर 20 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
    • राजस्थान में नए आईटीआई सेंटर खोले जाएंगे।
    • 140 करोड़ रुपए से कॉलेज का रिनोवेशन किया जाएगा।
    • राजस्थान स्किल यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी किया जाएगा और नए कॉलेज खोले जाएंगे।
    • स्कूल

      • कालीबाई भील और देवनारायण योजना के अंतर्गत 30,000 बालिकाओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी।
      • सरकारी स्कूलों में ट्रांसपोर्ट वाउचर स्कीम शुरू की जाएगी। इसके तहत बच्चे घर से स्कूल और स्कूल से घर तक 75 किलोमीटर तक फ्री में सफर कर सकेंगे।
      • प्राइवेट स्कूलों में अब राइट टु एजुकेशन (RTE) एक्ट के तहत क्लास 1 से 12 तक बच्चों को फ्री में एजुकेशन मिल सकेगी।
      • सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 8 तक के स्टूडेंट्स को फ्री स्कूल यूनिफॉर्म दी जाएगी। इस पर 560 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
      • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 1-1 हजार महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जाएंगे।
      • प्रत्येक ब्लॉक और मुख्यालय स्तर पर एक-एक महाविद्यालय में चारों संकाय की सुविधा होगी।
      • सरकारी स्कूलों के रिनोवेशन के लिए 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

      ये है स्कूटी योजना
      राजस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कालीबाई भील और देवनारायण मेधावी छात्रा स्कूटी योजना शुरू की गई थी। इसके तहत राजस्थान बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 65% अंक और सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में 75% अंक प्राप्त किए हैं वे छात्राएं आवेदन कर सकती हैं। इनमें सरकारी स्कूलों की 75% छात्राओं को, जबकि निजी स्कूलों की 25% छात्राओं को स्कूटी दी जाती है।

    • स्पोर्ट्स

      • राजस्थान में 229 खिलाड़ियों को आउट ऑफ द पॉलिसी के तहत 7 विभाग में सरकारी नौकरी दी गई है।
      • भविष्य में पदक विजेताओं को खेल विभाग में ही नियुक्ति दी जाएगी। ताकि खेल विशेष में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग भी दे सके।
      • राजस्थान में 100 नए कोच की भर्ती की जाएगी।
      • राजीव गांधी ग्रामीण और शहरी ओलिंपिक का एक साथ आयोजन किया जाएगा। इसमें 150 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
      • राजस्थान के 7 संभाग में सलीम दुरानी आवासीय स्पोट्‌र्स स्कूल बनाए जाएंगे। इसमें 105 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
      • मेजर ध्यान चंद स्टेडियम के निर्माण के लिए मैचिंग ग्रांट 25 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए की गई है।

      बजट में ये भी मिला

      1000 कृषक मित्रों की होगी संविदा पर भर्ती
      अगले एक वर्ष में एग्रीकल्चर में ग्रेजुएट 1000 युवाओं को सरकार कृषक मित्र के पद पर भर्ती करेगी। यह भर्ती संविदा के नए नियमों के तहत होगी। कृषक मित्रों को ड्यूटी लगाने के लिए मोबाइल एग्री क्लिनिक की स्थापना की जाएगी। इन स्कीम पर सरकार 75 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

      पशु मित्र स्कीम, 500 पशुधन सहायक की होगी भर्ती
      पशुपालकों को डोर स्टेप पर टैगिंग, टीकाकरण, बीमा, कृत्रिम गर्भाधान उपलब्ध कराने के लिए 500 पशुधन सहायक को मानदेय पर रखा जाएगा। इस पर सालाना 20 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

      सरस प्रोडक्ट की होम डिलीवरी, 1000 सरस मित्र होंगे भर्ती
      डेयरी से जुड़े रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में अगले वित्त वर्ष में 5000 सरस बूथ और 200 नए सरस पार्लर खोलने की घोषणा की है। डोर स्टेप डिलीवरी के लिए सरकार 1000 सरस मित्रों की भर्ती कर उन्हें रोजगार देगी।

      सफाई कर्मचारियों की भर्ती
      राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेशभर में अगले 2 साल में 30,000 पदों पर सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    • युवाओं के आक्रोश को कम करेगा बजट: राघव प्रकाश, शिक्षाविद
      शिक्षा मित्र डॉ राघव प्रकाश ने कहा कि राजस्थान सरकार ने युवाओं पर फोकस करते हुए चुनावी बजट जारी किया है। इसमें एक लाख से ज्यादा पदों पर भर्तियां की घोषणा की गई है। ऐसे में इस साल जुलाई में रीट भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। वहीं मेडिकल, पुलिस समेत तमाम विभागों में भी भर्तियां निकाली गई है। ताकि युवाओं के आक्रोश को कम किया जा सके। लेकिन सरकार के पास अपनी योजनाओं को इम्प्लीमेन्ट करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है।जिस तरीके से पिछले 4 साल में धीरे-धीरे भर्ती प्रक्रिया चलती आ रही है। इससे युवा और जनता काफी आक्रोशित हैं। ऐसे में अगर सरकार को अपनी छवि को ठीक करना है। तो उन्हें महीनों के हिसाब से नहीं, बल्कि दिनों के हिसाब से काम करते हुए बजट घोषणाओं को धरातल पर लाना होगा। तभी सरकार को इसका फायदा मिलेगा। लेकिन अगर सरकार बजट घोषणाओं को लागू नहीं कर पाई। तो इसका सीधा नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। ऐसे में बजट की अनुमति के लिए सतर्कता, शीघ्रता और सफलता बहुत जरूरी है।