प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती-2018 हाईकोर्ट ने पूछा, प्रदेश में 2002 के बाद एनटीटी काेर्स बंद ताे 2010 तक किन-किन संस्थानों काे अनुमति दी

प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती-2018 हाईकोर्ट ने पूछा, प्रदेश में 2002 के बाद एनटीटी काेर्स बंद ताे 2010 तक किन-किन संस्थानों काे अनुमति दी
हाईकोर्ट ने एएजी काे शपथ पत्र पेश करने के लिए कहा

हाईकोर्ट ने 1310 पदों की प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती 2018 में एनटीटी कोर्स वालों की योग्यता से जुड़े मामले में राज्य सरकार की एएजी शीतल मिर्धा को शपथ पत्र पेश कर यह बताने के लिए कहा है कि प्रदेश मेें 2010 तक किन संस्थानों को एनटीटी कोर्स चलाने की मंजूरी दे रखी थी।

जस्टिस महेन्द्र गोयल ने यह निर्देश बुधवार को चेतन व अन्य की याचिकाओं पर दिया। साथ ही अदालत ने मामले की सुनवाई 24 जनवरी को दोपहर तीन बजे तय की। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने आया कि एनसीटीई के अनुसार एनटीटी कोर्स को प्रदेश में 2002 के बाद से बंद कर दिया था।

लेकिन एएजी ने कहा कि राजस्थान प्रदेश में एनटीटी कोर्स 2010 तक संचालित हुआ था। दरअसल याचिकाओं में प्रदेश के बाहर से दो साल का एनटीटी कोर्स के समकक्ष डिप्लोमा करने वालों को प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती में शामिल नहीं करने को चुनौती दी है। प्रार्थियों का कहना है कि प्रदेश में अब एनटीटी नाम से कोई भी कोर्स नहीं होता है और कोर्स का नाम भी बदल गया है।

उन्होंने प्रदेश के बाहर से उन संस्थानों से एनटीटी कोर्स के समकक्ष डिप्लोमा किया है जिन्हें एनसीटीई से मान्यता प्राप्त है। इसलिए उन्हें भी भर्ती में शामिल कर नियुक्ति दी जाए। गौरतलब है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने महिला व बाल विकास विभाग की 2018 की प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती में प्रार्थियों को यह कहते हुए योग्य नहीं माना था कि उनके पास एनटीटी कोर्स की योग्यता नहीं है।