सरिस्का में लाया जाएगा भालुओं का जोड़ा:फोरेस्ट ऑफिसर की टीम रेस्क्यू के लिए सुंधा माता जालोर रवाना; 4 भालू लाने की अनुमति

सरिस्का में लाया जाएगा भालुओं का जोड़ा:फोरेस्ट ऑफिसर की टीम रेस्क्यू के लिए सुंधा माता जालोर रवाना; 4 भालू लाने की अनुमति
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अलवर स्थित सरिस्का वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में अब पर्यटकों को बाघ, चीतल सहित अन्य जंगली जानवरों के साथ भालू भी दिखाई देंगे। फोरेस्ट डिपार्टमेंट की ओर से इन सेंचुरी में 4 भालू छोड़े जाएंगे। इनको लाने के लिए सरिस्का से टीम रवाना हो गई है। ये भालू राजस्थान के जालोर जिले में स्थित सुंधा माता एरिया से पकड़कर लाए जाएंगे।

सरिस्का के फील्ड डायरेक्टर आरएन मीणा के मुताबिक अधिकारियों की एक टीम यहां से रवाना हो गई है। ये टीम जालोर-सिरोही एरिया में सुंधा माता और जसवंतपुरा एरिया से भालू को रेस्क्यू करेगी। वहां से सड़क मार्ग के जरिए सरिस्का लेकर आएगी। ऐसे में भालू कब तक आएंगे फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है। क्योंकि टीम को भालू काे रेस्क्यू करने में समय लग सकता है।

भालू का जोड़ा लाने से उम्मीद है कि उनका संरक्षण करके इनकी संख्या में भी इजाफा किया जा सके। सरिस्का में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इनमें कई पर्यटकों को बाघ दिखते तो कई को नहीं दिखते। ऐसे में पर्यटकों को भालू दिखेंगे तो उनके लिए ये रोमांचकारी होगा।

रेडियोकॉलर से होगी मॉनिटरिंग
सूत्रों के मुताबिक के मुताबिक जिन भालू काे रेस्क्यू करके लाया जाएगा उनके रेडियोकॉलर लगाया जाएगा। ताकि उन भालू की रियलटाइम मॉनिटरिंग की जा सके। साल 2013 में भी एक भालू रेस्क्यू करके सरिस्का छोड़ा गया था, लेकिन तब उसकी रेडियोकॉलर लगाकर मॉनिटरिंग नहीं की गई थी और उसके बाद से वो भालू गायब हो गया।

आबू, जालौर एरिया में मिलते है भालू
वर्तमान में जालौर और सिरोही के आबू, जालौर एरिया में भालू बड़ी संख्या में मिलते है। कई बार ये भालू जंगलों से बाहर आकर मानव बस्तियों तक पहुंच जाते है। इस कारण यहां लोगों को भालू के हमले का भी खतरा रहता है। ऐसे भालुओं की शिफ्टिंग ये यहां इस समस्या का कुछ हद तक समाधान भी होगा।