जल जीवन मिशन डीग के 6 गांवों के 5 हजार घरों तक नल से पहुंचेगा पानी, 10.19 करोड़ रुपये की योजना तैयार

जल जीवन मिशन डीग के 6 गांवों के 5 हजार घरों तक नल से पहुंचेगा पानी, 10.19 करोड़ रुपये की योजना तैयार

जल संरक्षण के प्रयासों में अधिक तेजी हो इसके लिए जल जीवन मिशन के तहत हर घर में पाइप के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य केंद्र सरकार की ओर से रखा गया है। योजना में वर्ष 2024 तक हर घर में पाइप लाइन से पेयजल उपलब्ध कराना उद्देश्य है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग की ओर से अब कार्य योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा है।

योजना में पीएचईडी ने डीग के 6 गांवों में स्वस्थ पेयजल की उपलब्धता के लिए 10 करोड 19 लाख की कार्य योजना का प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति के लिए मुख्य अभियंता जयपुर के लिए भेजा है। उम्मीद है, जल्द ही इसकी स्वीकृति भी मिल जाएगी।

वर्तमान में कई गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध ना होने की वजह से केंद्र सरकार द्वारा हर घर शुद्ध जल की उपलब्धता के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य 2024 तक सभी घरों को पाइप के जरिए पानी पहुंचाने का है।

साथ ही इसका उद्देश्य कृषि उपयोग के लिए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और घरेलू अपशिष्ट जल के प्रबंधन के लिए स्थानीय बुनियादी ढांचा तैयार करना भी है। जल जीवन मिशन से गांवों के लोगों को खारे पानी से छुटकारा मिलेगा।

हर व्यक्ति को हर रोज मिले 55 लीटर पानी
जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक ग्रामीण भारत के सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। इस योजना के जरिए सभी ग्रामीण परिवारों के घर में पानी का कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य बनाया गया है।

योजना में प्रति व्यक्ति को 55 लीटर पेयजल पाइपलाइन द्वारा मुहैया कराया जाएगा। गांवों तक पानी पाइप लाइन बिछाना और फिर उससे कनेक्शन देकर हर घर को जोड़ने का लक्ष्य है। 2020-21 के लिए देशभर में 21 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए है।

मिशन के लिए ग्राम जल और स्वच्छता समिति करेगी माॅनिटरिंग
जल जीवन मिशन में हर गांव में ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है, ताकि अधिकाधिक लोग इसमें अपनी भागीदारी निभा सके। समिति गांव में संचालन के साथ जल संधारण का कार्य करेगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशाषी अभियंता संतोष मीणा ने बताया कि जल जीवन मिशन की सफलता के लिए यह परिकल्पना की गई।

जन समुदाय ही जलयोजना की संरचना, क्रियान्वयन, प्रबंधन एवं संचालन रख-रखाव में मुख्य भूमिका निभाएगी। जिसके परिणाम स्वरूप हर ग्रामीण को घर में जल उपलब्ध हो सकेगा, साथ ही जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर गांव से प्लम्बर, फिटर एवं इलेक्ट्रीशियन का प्रशिक्षण करवाया जाएगा, ताकि ग्राम की जल योजना के रख-रखाव में सहयोग कर सके।

चम्बल के अलावा नलकूपों से लेंगे पानी

सहायक अभियंता ईशु नारंग ने बताया कि सरकार की इस जल जीवन मिशन योजना में 2024 तक डीग क्षेत्र के करीब 120 से अधिक सभी गांवों में हर घर पाइप के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। लक्ष्य पूर्ति के लिए पीएचईडी की ओर से कार्य जारी है। पेयजल आपूर्ति के लिए गांव में घर-घर 55 लीटर पानी मिल सकेगा।

जिसमें 35 लीटर चंबल एंव अन्य 20 लीटर नलकूप (पानी की गुणवत्ता सही होने पर) के जरिए उपलब्ध होगा। नलकूप के पानी में गुणवत्ता नहीं होने पर 55 लीटर पानी की उपलब्धता चंबल के ही पानी से होगी। विभाग योजना में अब गांव-गांव पानी की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।

15 सदस्यीय होगी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति में गांव का सरपंच, वार्ड पंच, वार्ड पंच (अनुसूचित जाति), वार्ड पंच (महिला), वार्ड पंच (अनुसूचित जनजाति), स्कूल संस्था प्रधान, एएनएम, आशा, कनिष्ठ अभियंता पीएचईडी, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सदस्य बीपीएल परिवार, सदस्य महिला समूह, जल समिति प्रतिनिधि, कृषि पर्यवेक्षक या वनरक्षक सदस्य होंगे।