वैक्सीनेशन: बुधवार को 6619 में से 4431 ही टीका लगवाने पहुंचे
कोरोना वैक्सीनेशन का बुधवार को आठवां दौर था। इसमें 64 सेंटरों पर 6619 में से 4431 यानी 66.94% हेल्थ वर्कर्स ने टीके लगवाएं। अब तक 40410 में से 18366 यानी 45.44% हेल्थ वर्कर्स को ही टीका लग पाया है। जिला टीकाकरण अभियान में प्रदेश में हमारा सातवें नंबर पर है।
प्रदेश सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को 29 जुलाई तक जिले के सभी हेल्थ केयर वर्कर्स को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया है। ऐसे में अब बचे हुए दो दिनों में शेष 22044 (54.56%) हेल्थ वर्कर्स को टीके लगाने हाेंगे। विभाग ने अब तक 24688 हेल्थ वर्कर्स को टीका लगवाने के लिए बुलाया है, लेकिन इनमें से 18366 ही पहुंचे यानी 74.39% ही पहुंचे।
नहीं आने वाले 25.61% वर्कर्स अमूमन 25 से 39 साल की उम्र के हैं। इनमें 4973 आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, वार्ड आया, वार्ड बॉय, स्वीपर आदि शामिल हैं। ये तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं।
ड्यूटी कर रही नर्स बोली- मैं तो बाहर हूं, 20 दिन बाद आऊंगी
शहर निवासी 43 वर्षीय एक नर्स को टीका लगवाने के लिए कॉल किया तो वह बोली- मैं तो उदयपुर से बाहर हूं और 20 दिन बाद आऊंगी। कॉल करने वाले सहकर्मी को अस्पताल में ड्यूटी पर मिली तो उससे पूछा- आपने झूठ क्यों बोला? इस पर जवाब दिया कि मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर वैक्सीन से मर गई तो उनका क्या होगा? जब उसे बताया कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन यह बात उसके गले नहीं उतर पा रही है।
शहर में कोरोना के केस ही नहीं मिल रहे हैं, अब डर कैसा
विभाग ने शहर में रहने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 28 वर्षीय देवेन्द्र को टीका लगाने के लिए बुलाया गया तो बोला- अब तो कोरोना ही भाग गया। टीके की क्या जरूरत है? शहर में कोरोना केस ही नहीं मिल रहे। डॉक्टर ने समझाया कि कोरोना संक्रमण की चेन तेजी से एक-दूसरे तक फैलती है। अभी-भी सात से ज्यादा केस मिल रहे हैं। कोरोना कहीं गायब नहीं हुआ है, लेकिन वह टीके के लिए आने को तैयार ही नहीं हुआ।
वैक्सीनेशन से विदेश में कई लोग मर गए, मुझे नहीं मरना
वॉलसिटी एरिया में रहने वाले 29 वर्षीय महेश हरिजन को टीका लगवाने के लिए फोन किया तो बोला- वैक्सीन से विदेश में कई लोग मर गए। मुझे मरने के लिए वैक्सीन नहीं लगवानी है। उसे समझाया कि अगल-अलग देशों में अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन लगाई जा रही है। उदयपुर में पुणे की जिस कंपनी की वैक्सीन लगाई जा रही है उससे अभी तक कोई किसी को साइड इफेक्ट नहीं हुआ है, लेकिन वह मानने को राजी ही नहीं हुआ।
टीका लगवाने पहुंचा कर्मी कांप रहा था, बोला- डर लग रहा है
शनिवार को दोपहर 12.55 बजे एक 58 वर्षीय स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने के लिए पहुंचे। इस दौरान वे कांप रहे थे। वहां सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी भी थे। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मी से पूछा- आपक कांप रहे हैं, क्या ठंड रही है। इस पर वह बोला- टीके से डर लग रहा है। सीएमएचओ ने कहा- इतना डर लग रहा है तो अभी टीका मत लगवाइए, क्योंकि दहशत से अनहोनी की आशंका रहती है, जबकि टीका पूरी तरह सुरक्षित है।
मैंने 12 दिन पहले लगवाया था टीका, कोई साइड इफेक्ट नहीं
मैंने 12 दिन पहले टीका लगवाया था। अब तक कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। वैक्सीनेशन से बचने के लिए आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बच रहे हैं। इसके लिए विदेश के कुछ मामलों की तरह अनहोनी के बहाने बना रहे हैं, जबकि डॉक्टर्स-नर्सेज 100% टीका लगवा रहे हैं। जो टीका लगवाने नहीं आ रहे उनकी रजिस्टर्ड दूसरे हेल्थ वर्कर्स को टीका लगवाया जा रहा हैै।
-डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ


