बागेश्वर धाम के महाराज धीरेंद्र शास्त्री को जादूगर की चुनौती:कहा- हमारे सामने अपनी शक्तियों को प्रूव करें, सारे जादूगर आश्रम में सेवा करेंगे
देश के जाने-माने जादूगर शिव कुमार ने कहा कि दुनिया में कोई अलौकिक या दिव्य शक्ति नहीं है। जादू एक विद्या है। जादू अलौकिक या चमत्कार नहीं है। जादू विज्ञान का रूप है। हम इस ढंग से पेश करते हैं कि सामने वाले को जादू लगता है।
जादूगर शिव कुमार ने कहा कि इसमें मेडिटेशन, योगा व बहुरंगी कलाओं का समावेश है। यह एक मिक्स आर्ट है। एक मैजिक है। जो मेडिटेशन, योग व सम्मोहन के जरिए होता है। यह साइंटिफिक आर्ट है। कोई भगवान का चमत्कार नहीं है। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री के बयानों के बाद देश में भर दिव्य शक्ति को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
अलवर में जादूगर का शो दिखा रहे जाने-माने जादूगर शिव कुमार ने बागेश्वर धाम के महाराज धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती दी है कि जादूगरों के सामने दिव्य शक्ति या अलौकिक शक्ति दिखाकर इसे प्रूव करें। सब जादूगर उनके आश्रम में सेवा करने लग जाएंगे। उन्होंने देश भर के जादूगरों को 28 जनवरी को अलवर में बुलाया है।
भास्कर संवाददाता ने शो के बीच में पहुंचकर उनसे बातचीत की। जादू भी देखा और जनता से सवाल भी किए।
बागेश्वर धाम के महाराज के बयानों की चर्चा देश भर में हैं। आप क्या कहते हैं?
जादूगर शिव कुमार ने कहा- देखिए, सनातन धर्म में भगवान है यह हमारा विश्वास है। इतना होना भी चाहिए। लेकिन भगवान का नाम लेकर चमत्कार बताना या दिव्य शक्ति बताना अंध विश्वास है। लोगों को अंध विश्वास में नहीं जाना चाहिए। यह पूरी एक विद्या है। मैं तो 30 सालों से इस आर्ट के जरिए लोगों को जानकारी देता आ रहा हूं।
जादूगार शिव कुमार बाबा होते, आश्रम में होते तो क्या रूप होता?
मैं तो करोड़पति होता। अगर यही विद्या, यही क्रिया यही मैजिक बाबा बनकर करूंगा तो लोग पूजेंगे। लाखों फॉलोअर्स होंगे। लेकिन मैं इस विद्या को आस्था, धर्म व अलौकिक ताकत से नहीं जोड़ता। यह लोगों के मनोरंजन का साधन हो सकता है, लेकिन लोगों को इसे दिखाकर उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
क्या धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री काे अधिक विद्या आती है या अधिक ज्ञान है?
135 करोड़ की आबादी में क्या धीरेंद्र शास्त्री के पास ही ज्ञान आ गया। शास्त्री जी जो दिखा रहे हैं वह मैं 30 साल से दिखा रहा हूं। वे अब दिखाने लगे हैं। लेकिन मैंने जादू की विद्या को धर्म से नहीं जोड़ा। मीडिया से दूर रहा। अब मैं इस कला को धर्म से जोड़कर दिखाता हूं तो मुझ पर भी विवाद होने लगेगा। लेकिन मैंने इस कला को धर्म से नहीं जोड़ा। केवल विज्ञान से जोड़ा है।
आपने भी सामने बैठे व्यक्ति की कार के नंबर, दोस्त का नाम व एटीएम पिन सहित कई बातें बता दी? क्या मरीज की बीमारी भी बता सकते हैं?
हां, क्यों नहीं बता देते। यही विद्या तो हम जानते हैं। हम जादूगर बन कर यह सब कर रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री बाबा बनकर कर रहे हैं।
क्या धीरेंद्र शास्त्री का काम जादूगरों को ठेस पहुंचाने वाली बात है?
देखिए, विद्या का मिस यूज कर बाबा लोग भगवान बनें। ये हमें ठीक से हजम नहीं होती है। इस चमत्कार को मनोरंजन के लिए किया जाएगा। लोगों को समझाया जाए कि आज दैविक शक्तियां नहीं हैं। विज्ञान का जमाना है। विज्ञान आगे बढ़ गया है। जादूगरों से सीखकर इस कला के जरिए खुद को भगवान का रूप देना अंध विश्वास को बढ़ावा देना है।
धीरेंद्र शास्त्री के बयानों के बाद पूरे देश के जादूगरों में क्या चल रहा है?
इस बात को लेकर पूरे देश के जादूगर एकजुट हैं। 28 जनवरी को देश भर के जादूगर अलवर आएंगे। कोई भी यह प्रूव कर दिखाए कि हमारे पास अलौकिक या दिव्य शक्ति है। हमारे जादूगरों के सामने ऐसा करके बता दें। वे प्रवू कर के दिखा दें। हम जादूगर भी बाबा धीरेंद्र शास्त्री की सेवा में लग जाएंगे।
शो में संदेश - जादू को अलौकिक शक्ति बताने वालों से बचें
पिछले करीब 1 महीने से जादूगर शिव कुमार को अलवर के गोपाल टाकीज में शो कर रहे हैं। यहां वे रोजाना बता रहे हैं कि चमत्कार कुछ नहीं होता, सब ट्रिक का खेल है। इसे आस्था से जोड़ना अंध विश्वास को बढ़ाना है। जादू एक स्वस्थ मनोरंजन का साधन है।
शो में वे संदेश देते हैं- जादू एक विज्ञान है। एक साइंटिक मिक्स आर्ट है। देश व समाज में चमत्कार दिखा खुद को भगवान बताने वालों से बचना है। आने वाले पीढ़ी को जागरूक करें कि जादू एक मनाेरंजन है। न किसी को भूत व भविष्य बता सकते हैं। जादू से भला व बुरा भी नहीं होता है। लेकिन जादू जैसी शक्ति को अलौकिक बताने वालों से हमें बचना है।
शो में खुद ने नाम, कार के नंबर, एटीएम नंबर बताए
जादूगर शिव कुमार खुद के शो रोजाना लोगों के नाम, उनकी कार के नंबर, एटीएम नंबर तक बता रहे हैं। वे मंच से जनता के बीच में एक बॉल फेंकते हैं। बॉल जिसके भी हाथ लगे। वहीं व्यक्ति मंच पर जाता है। उसे सामने बैठाकर कहा जाता है कि खाली पेपर पर अपने सबसे अच्छे दोस्त का नाम लिखें।
व्यक्ति से यह पूछा जाता है कि वह अपने दोस्त को कौन सी कार दिलाना चाहता है। यह भी कहा जाता है कि कार का नंबर भी सोच कर कागज पर लिख लें। इसके बाद कागज पर व्यक्ति के एटीएम का पासवर्ड लिखवाया जाता है। फिर जादूगर दूर खड़े होकर बता देता है कि कागज पर उसने कौन सी कार, कार का नंबर और क्या पासवर्ड लिखा है। यह जानने के बाद लोग दंग रह जाते हैं।
Naresh Chouhan 

