झोलाछाप बंगाली डाक्टर्स से इलाज कराना भारी पड़ा:नीम हकीम से उखड़वाया दांत...छाती तक पहुंचा इंफेक्शन, ऑपरेशन से बची जान
झोलाछाप बंगाली डाक्टर्स से दांत दर्द का इलाज कराना भारी पड़ गया। इंफेक्शन गले से होकर रोगी की छाती तक पहुंच गया। मुंह और गला सूजने से बोलने एवं सांस लेने तक की दिक्कत आ गई। अब आरबीएम अस्पताल में ऑपरेशन से बामुश्किल जान बची है। ईएनटी विशेषज्ञ ने रोगी के गले और छाती से करीब 250 एमएल मवाद निकाली है।
दरअसल, डीग के मवई निवासी 32 वर्षीय किसान जनक सिंह ने बताया कि उसकी दांयीं अक्कल दाढ़ में दर्द होता था। उसने नगर में झोलाछाप बंगाली डॉक्टर से इलाज कराया था। उसने अक्कल दाढ़ पर मांस बढ़ना बताकर 150 रुपए लिए और दवा का खर्च अलग लगा। लेकिन, इससे फायदा होने के बजाय 3 दिन में ही पूरे गले पर सूजन आ गई।
वह दुबारा उसके पास गया तो वह बोला भरतपुर या जयपुर में किसी डाक्टर को दिखाओ। भरतपुर में आरबीएम अस्पताल के ईएनटी विभाग में डा. अभय शर्मा को दिखाया। उन्होंने ऑपरेशन कर गले से मवाद निकाली। लेकिन, जब अगले दिन वह दुबारा अस्पताल गया तो छाती में सूजन थी।
जनरल सर्जरी विभाग के एचओडी डा. नगेंद्र सिंह भदौरिया की सलाह पर फिर ऑपरेशन करके छाती से करीब 200-250 एमएल मवाद निकाली। अधीक्षक डा. जिज्ञासा साहनी का कहना है कि विशेषज्ञ सेवाएं मिलने से अस्पताल में अब जटिल ऑपरेशन होने लगे हैं।
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