मुनाफाखोरी पर जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला किताब पर 75 ज्यादा वसूले थे, अब ग्राहक को बतौर हर्जाना आठ हजार रुपए देने पड़ेंगे
मात्र 150 रुपए की किताब पर ग्राहक से 75 रुपए ज्यादा वसूलना गंगा मंदिर स्थित पप्पू बुक सेंटर को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने इस मुनाफाखोरी में सुनाए फैसले में दुकानदार को आदेश दिया है कि वह ग्राहक को 75 रुपए लौटाने के साथ ही बतौर हर्जाना और मुकदमा खर्च के 8 हजार रुपए भी दे।
प्रकरण के मुताबिक सैनी मोहल्ला में रहने वाले ओमप्रकाश ने अपने बेटे को स्टेनोग्राफर की तैयारी कराने के लिए सितंबर, 2017 में पप्पू मैग्जीन एवं बुक सेंटर से 225 रुपए में किताब खरीदी थी। जब उन्होंने प्रकाशक द्वारा दी जाने वाली छूट के बारे में पूछा तो दुकानदार बोला- अभी कोई छूट नहीं दी जा रही है। इस पर जब सैनी ने अन्य पुस्तक विक्रेताओं से पूछताछ की तो किताब की कीमत 150 रुपए ही बताई गई।
वह वापस दुकानदार के पास गया और अंतर की राशि लौटाने या पुस्तक वापस लेने का आग्रह किया। लेकिन, दुकानदार ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसलिए सैनी को वकील राकेश शर्मा के जरिए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत करनी पड़ी।
आयोग में सुनवाई के दौरान पप्पू बुक सेंटर के वकील आर. के सिंह ने शिकायत को झूठी बताया और कहा कि दुकानदार इस ग्राहक को पहचानता ही नहीं है। अध्यक्ष सत्यजीत राय, सदस्य दीपक मुदगल और सविता सिंहल ने बचाव पक्ष की दलील को सही नहीं माना। फैसले में उन्होंने कहा कि कोई दुकानदार की झूठी शिकायत क्यों करेगा।


