216 टन प्याज परिवहन पर खर्च हाेंगे 6 लाख अलवर से शुरू हुई पहली प्याज स्पेशल किसान ट्रेन, यहां के काराेबारी सहमत हुए ताे सीकर से भी चलेगी

216 टन प्याज परिवहन पर खर्च हाेंगे 6 लाख अलवर से शुरू हुई पहली प्याज स्पेशल किसान ट्रेन, यहां के काराेबारी सहमत हुए ताे सीकर से भी चलेगी

महाराष्ट्र एवं नासिक के बाद रेलवे ने राजस्थान के किसानाें के लिए भी प्याज स्पेशल परिवहन सेवा शुरू कर दी है। प्रथम फेज में प्याज के सीजन काे देखते हुए उत्तर-पश्चिमी रेलवे जयपुर मंडल के अधीन राजस्थान के अलवर स्टेशन से प्याज स्पेशल सेवा शुरू की गई है। सूत्राें के अनुसार यदि प्याज काराेबारियाें की सहमति मिली ताे दूसरे चरण में सीजन शुरू हाेने के साथ ही शेखावाटी से प्याज स्पेशल किसान ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। खास बात ये है कि रेलवे ने किसानाें काे प्याज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्याज स्पेशल सेवा के रेल भाड़ा में भी 50 प्रतिशत तक विशेष छूट की सुविधा लागू की है। इसके लिए व्यापारियाें काे समूह में प्याज परिवहन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना हाेगा।

शर्त ये है कि एक रैंक के लिए कम से कम 20 डिब्बाें में 216 टन प्याज की सप्लाई हाेना जरूरी है। अलवर से रवाना की गई प्याज स्पेशल किसान ट्रेन मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट, इटावा, प्रयागराज, वाराणसी, न्यू जलपाईगुड़ी हाेकर आसाम से बैहाटा तक जाएगी। अलवर व सीकर दाेनाें स्थानाें के किसानाें काे सुविधा का फायदा पहुंचाने के लिए प्याज स्पेशल ट्रेन सेवा का मार्ग जयपुर से हाेकर तय किया गया है। रेलवे जनसंर्पक विभाग के अधिकारी सुनील का कहना है कि आसाम से बैहाटा के बाद अब प्याज परिवहन के लिए रानीपात्रा व दानापुर के लिए किसान रेल चलाई जाएगी।

शेखावाटी से प्याज स्पेशल किसान ट्रेन से 20 काेच में प्याज परिवहन करने पर व्यापारियाें काे आसाम तक का भाड़ा 12 लाख के करीब देना हाेगा। इसमें व्यापारियाें काे 50 प्रतिशत छूट के साथ 6 लाख ही खर्च करने हाेंगे। क्याेंकि शेखावाटी से आसाम तक की दूरी करीब दो हजार किमी मानी जाती है। अलवर से आसाम तक 1836 किलोमीटर के परिवहन का कुल भाड़ा 9,62,712 रुपए है। इसमें किसानोंं को किराए में 50 प्रतिशत छूट का फायदा दिया गया है। दो प्रतिशत विकास प्रभार सहित कुल किराया 500,611 रुपए ही देना होगा।

मालगाड़ी के डिब्बों के बजाय, साधारण काेच लगाए
अलवर एवं शेखावाटी के प्याज की गुणवत्ता काे देखते हुए रेलवे ने मालगाड़ी से प्याज काे सुरक्षित पहुंचाने के लिए खास प्रबंध किए हैं। इसके लिए रेलवे ने प्याज परिवहन में भी साधारण काेच ही लगाए हैं, ताकि लंबे सफर में प्याज खराब नहीं हो।