दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी विजय कर नेपाली पर्वतारोहियों ने रचा इतिहास
10 नेपाली पर्वतारोहियों की एक टीम ने इतिहास रच दिया। उन्होंने दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे पर्वत के-2 को सर्दी के मौसम में फतह कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। सर्दियों में ऐसा पहली बार हुआ, जब काराकोरम रेंज के इस पर्वत को लांघने में किसी को कामयाबी मिली।
इस टीम के सदस्य निम्स दाई पुर्जा ने कहा- ‘सर्दियों में 8611 मीटर ऊंची चोटी को फतह करने की पहली कोशिश 1987-88 में हुई थी। लेकिन कोई भी 7650 मीटर की ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया। लेकिन हम शनिवार शाम 5 बजे पर्वत के शिखर पर पहुंच गए। हमने रिकॉर्ड 21 दिन में चोटी को फतह कर लिया।’ दूसरी ओर, नेपाली पर्वतारोहियों के साथ चोटी फतह करने निकले स्पेन के पर्वतारोही सरगी मिंगोटे की मौत हो गई।

सरगी पर्वत पर चढ़ते समय सी-1 कैंप से नीचे गिरे थे। मालूम हो, 55 सदस्यीय दल 27 दिसंबर 2020 को के-2 को जीतने निकला था। उन्होंने इस एक्सपीडिशन का नाम रखा था- ‘मिशन इम्पॉसिबल।’ अब उन्होंने ‘सैवेज माउंटेन’ के नाम से मशहूर के-2 को फतह कर अपने मिशन को पॉसिबल कर दिखाया।
सर्दियों में इसलिए खतरनाक है के-2
के-2 चीन-पाक सीमा पर काराकोरम रेंज में है। चोटी पर 6000 मीटर तक चट्टानें और फिर बर्फ है। तापमान भी -25 से -60 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां कैंप-2 से ही खतरा शुरू हो जाता है, जो बॉटलनेक तक बढ़ता जाता है। यहां खड़ी चढ़ाई है, जिसे पर्वतारोहियों को सावधानी से चढ़ना होता है। यहां सफल होने की संभावना 30% से कम ही रहती है।


