सेल्जर के एनक्लोजर में बाघिन सुरक्षित, फिट रही तो 1 हफ्ते के अंदर खुले जंगल में रिलीज की जाएगी
मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में लंबे इंतजार के बाद बाघिन एमटी-4 काे दरा से बाेराबास रेंज के सेल्जर में शिफ्ट कर दिया गया है। गर्मी में बाघिन काे सुरक्षित शिफ्ट करना सबसे बड़ी चुनाैती थी। इसके लिए एक्सपर्ट्स की टीम ने विशेष इंतजाम किए। कैंटर में पिंजरे के तापमान काे मेंटेन किया गया। पिंजरे के दाेनाें तरफ और ऊपर बर्फ की सिल्लियां रखी गईं। कैंटर में पानी के फव्वारे भी चलाए। इसके बाद सड़क मार्ग से सावधानी से टैंकर रवाना किया गया।
पहले जंगल के रास्ते से लाने की प्लानिंग थी, लेकिन अंधेरा हाेने से सड़क मार्ग से इसे सेल्जर लाया गया। एक्सपर्ट और मेडिकल टीम के निर्देशानुसार बाघिन काे सेल्जर में बने एक हैक्टेयर के साॅफ्ट एनक्लाेजर में सुरक्षित रिलीज किया। साेमवार रात 11:44 बजे जैसे ही पिंजरे का गेट खाेला ताे करीब 30 सेकंड में ही बाघिन पिंजरे से बाहर निकलकर एनक्लाेजर में दाैड़ती नजर आई। बाघिन ने वाटर प्वाॅइंट से पानी पिया और शिकार कर खाया। रिजर्व के सीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर सेडूराम यादव ने बताया की सॉफ्ट एनक्लोजर में करीब एक हफ्ते तक बाघिन को निगरानी में रखा जाएगा। स्वास्थ्य सही हुआ ताे हार्ड रिलीज किया जाएगा। हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार ये भी संभावना है कि उसे एक-दो दिन में रिलीज कर दिया जाएग।
ट्रेंक्युलाइज और शिफ्टिंग में कई विभागाें के एक्सपर्ट शामिल रहे
एक्सपर्ट व्यू : अब जल्द से जल्द बाघ लाना जरूरी
- घना से जल्द से जल्द 500 प्रे-बेस काे लाया जाए। ताकि बाघाें के लिए पर्याप्त प्रे-बेस उपलब्ध हाे सके।
- जल्द से प्रे-बेस लाने के साथ एक मेल बाघ लाया जाए ताकि एमटी-4 जाेड़ा बनाकर अपनी टेरिटरी बना सकेे। साथ ही यहां स्टेबल हाे सके।
- दरा केे 82 वर्ग किमी एनक्लाेजर पर पूरा ध्यान रखा जाए। यहां बाघ या चीता ट्रांसलाेकेशन की जल्द व्यवस्था हाे।
- 82 वर्ग किमी एरिया की दीवार की सुरक्षा, मवेशियाें की एंट्री पर राेकथाम और वन्यजीवाें की निगरानी के लिए रेगुलर गश्त और मॉनिटिरिंग करना जरूरी।
सीएफ एवं रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर यादव ने बताया कि बाघिन एमटी-4 को ट्रेंक्युलाइज से लेकर शिफ्टिंग के दाैरान प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं इंचार्ज सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ आईवीआरआई बरेली के डाॅ. अभिजीत एमपवारे, वाइल्डलाइफ एसओएस आगरा के डॉ. इलिया राजे, रणथंभाैर टाइगर रिजर्व के सीनियर वेटरनरी डाॅ. राजीव गर्ग, मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डॉ. तेजेंद्रसिंह रियाड़, डॉ. लालियांपु कावलनी, डब्लूआईआई के साइंटिस्ट डॉ. अयान साधु, डब्लूआईआई साइंटिस्ट एवं एनटीसीए की टाइगर सेल के मोहित पात्रा, डब्लूआईआई के बायाेलाॅजिस्ट पंकज ओझा के अलावा स्टैंडिंग कमेटी स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड के मेंबर दाैलतसिंह शक्तावत, डीसीएफ मुकंदरा बीजाे जाॅय, एसीएफ आरएस भंडारी, रेंजर दरा हेमराजसिंह सहित अन्य माैजूद रहे।
मुकंदरा में बाघिन रिलीज हाे चुकी है। एक सप्ताह बाद हार्ड रिलीज करेंगे। 250 चीतल आने के बाद एनटीसीए के निर्देशानुसार बाघ लाया जा सकेगा। दरा के एनक्लाेजर की पूरी माॅनिटरिंग हाेगी। - सेडूराम यादव, सीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व
सीधी-बात : मुकंदरा में जल्द बाघ भी लाएंगे, काेटा अब एक टूरिस्ट प्वाॅइंट हाेगा
- मुकंदरा में बाघिन रिलीज हाे चुकी है, आगे क्या रहेगा?
- मुकंदरा आगे बढ़ रहा है। इसके लिए सभी प्रयास करेंगे।
- मुकंदरा में मेल टाइगर कब तक आएगा?
- हम इसके प्रयास में लगे हुए हैं। टाइम का हम फिक्स नहीं बता सकते हैं।
- 19 साल बाद सेल्जर में बाघ रिलीज किया है। इसका क्या फायदा है?
- वन्यजीवाें के प्रति एक अच्छा मैसेज है। यहां पर्यटक बढ़ेंगे। एरिया विकसित हाेगा। पर्यटकाें की संख्या बढ़ेगी।
- काेटा में नए टूरिस्ट रूट खुलने से क्या विशेष रहेगा?
- टाइगर आने के बाद काेटा में भी टूरिस्ट प्वाॅइंट बनेगा। टूरिस्ट काे आकर्षित करने के लिए जाे आवश्यक कदम उठाने हैं वे सभी उठाएंगे।


