स्टूडेंट्स काे सता रहा फेल होने का डर:सर्वर धीमा होने से सभी सवालों के उत्तर नहीं दे पा रहे छात्र, पहली बार देशभर में ऑनलाइन हो रही हैं आईटीआई की परीक्षाएं

स्टूडेंट्स काे सता रहा फेल होने का डर:सर्वर धीमा होने से सभी सवालों के उत्तर नहीं दे पा रहे छात्र, पहली बार देशभर में ऑनलाइन हो रही हैं आईटीआई की परीक्षाएं

गवर्नमेंट आईटीआई में पहली बार हाे रही कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट परीक्षा में प्रदेशभर के स्टूडेंट्स परेशान हाे रहे हैं। डीजीटी यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग नई दिल्ली की ओर से पहली बार देश में आईटीआई में सेकंड ईयर और एक साल के प्राेग्राम वाले स्टूडेंट् के लिए गवर्नमेंट आईटीआई में दाे पारियाें में यह परीक्षाएं हाे रही हैं।

पहली बार ऑनलाइन माेड में परीक्षाएं दे रहे हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि ऑनलाइन पेपर में कभी सर्वर की प्राॅब्लम आती है ताे कभी सवाल भी पूरे नहीं हाेते हैं। पिछले दिनाें से यह स्थिति गंभीर बनी है, जबकि यह ऑनलाइन इस परीक्षा में समय अधिक लगता है। ऑनलाइन परीक्षा देने में उनके सवाल भी छूट रहे हैं। स्टूडेंट्स ने शिकायत भी की है। कई स्टूडेंट्स के सवाल पूरे नहीं हाेने से उन्हें फेल हाेने का डर सता रहा है। प्रदेश में कुल 109 गवर्नमेंट आईटीआई में यह परीक्षाएं हाे रही है। इनमें करीब 8 हजार स्टूडेंट्स नामांकित है।

सबसे अधिक परेशानी 28 जनवरी काे हुई थी
स्टूडेंट्स का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी 28 जनवरी काे हुई थी। सर्वर में परेशानी से कई सवाल छूटे थे। सर्वर भी प्राॅपर काम नहींं किया। स्टूडेंट्स ने कहा कि ऑनलाइन माेड में काफी संख्या में स्टूडेंट्स फेल हाेंगे। इससे उन्हें परेशानी हाेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स फेल हुए थे। इसे लेकर काफी आंदाेलन हुए। इसके बाद दुबारा रिजल्ट जारी कर उन्हें पास किया।

यह हाेती है प्राेसेस : स्टूडेंट्स काे परीक्षा सेंटर पर गवर्नमेंट आईटीआई में यूजर आईडी परीक्षा के समय पर ही मिलती है। प्रवेश-पत्र के आधार पर क्यूआर काेड स्कैन के बाद चेहरे से सेंटर पर मिलान करते हैं। चेहरा मैच हाेने पर ही परीक्षा की परमिशन हाेती है। गवर्नमेंट आईटीआई प्रिंसिपल राजेश गुप्ता का कहना है कि पारदर्शिता रखने और जल्द रिजल्ट के अनुसार सीबीटी माेड परीक्षा बेहतर है। हमने यहां इनवेटर, सर्वर सहित अन्य व्यवस्थाएं की है।

जिन स्टूडेंट्स की शिकायतें मिली है। साथ ही प्रश्न छूटे हैं। उन्हें परीक्षा दिलवाने के लिए माैका दिया जाएगा। इनकी शिकायताें का जाेधपुर निदेशालय से ही समाधान हाे सकेगा। -अशाेक शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर, आरसीवीईटी काेटा