जिले के 15 बालिका व 102 राजकीय माध्यमिक सहित 117 विद्यालय होंगे क्रमोन्नत, 28 तक कला संकाय के ऐच्छिक विषय भी करने होंगे निर्धारित
प्रदेश में बच्चों को 12वीं तक की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि सरकार ने प्रदेश में 3433 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को अगले सत्र से क्रमोन्नत करने के आदेश जारी किए हैं। जिनमें जिले के 102 माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नत होंगे। इनके अलावा प्रदेश के 395 बालिका विद्यालय भी क्रमोन्नत होंगे, जिनमें भरतपुर जिले के 15 विद्यालय शामिल हैं।
इस प्रकार कुल प्रदेश में 3828 विद्यालय क्रमोन्नत होंगे, जिनमें भरतपुर जिले के 117 विद्यालय क्रमोन्नत होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को एक आदेश जारी कर क्रमोन्नत सभी विद्यालयों में कल संकाय के अंतर्गत एच्छिक विषय के निर्धारण के प्रस्ताव 28 मार्च तक मांगे हैं। नए शिक्षा सत्र 2022-23 से जिले का कोई भी सरकारी स्कूल माध्यमिक नहीं रहेगा।
बच्चे अपने घर के पास 12वीं तक की पढ़ाई कर सकेंगे, उन्हें अपने गांव व शहर में ही 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी। इस सत्र में 11वीं और 12वीं कक्षा एक साथ आरंभ की जा सकेगी। इन स्कूलों में कला संकाय और अन्य संकायों के लिए तीन ऐच्छिक विषयों का निर्धारण विद्यार्थियों की जरूरत के मुताबिक और रुचि के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए एसडीएमएसी से स्वीकृति लेना जरूरी होगा। इन स्कूलों में स्टाफिंग पैटर्न के मुताबिक पहले वर्ष में केवल ऐच्छिक विषय के व्याख्याता ही दिए जाएंगे। अनिवार्य विषयों में हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षण के लिए व्याख्याता के स्थान पर वरिष्ठ शिक्षक दिए जाएंगे।

नए सत्र में सभी मा. विद्यालय क्रमोन्नत होंगे: डीईओ
शिक्षा निदेशालय ने अगले सत्र 2022-23 से प्रदेश में बालिका माध्यमिक विद्यालय 395 और 3433 रामावि क्रमोन्नत करने के आदेश जारी किए हैं, जिनमें भरतपुर जिले में बालिका के 15 व 102 रामावि क्रमोन्नत के आदेश हुए हैं। इस संबंध में स्कूलों को सूचित किया है। कला संकाय के एच्छिक विषय के प्रस्ताव 28 तक मांगे हैं।
प्रेम सिंह,जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय


