सरकारी टीचर पेपर में पास करवाने के नाम पर फंसा रहा था, डमी अभ्यर्थी दे रहा था पेपर, दोनों चढ़े पुलिस के हत्थे
भरतपुर पुलिस ने रीट में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक सरकारी टीचर है, जो अभ्यर्थियों को पास करवाने के नाम पर उन्हें फंसा रहा था। दूसरा आरोपी डमी अभ्यर्थी बन दूसरे स्टूडेंट की जगह पेपर दे रहा था। पुलिस ने बताया की मुखबिर के जरिए सूचना मिली की एक व्यक्ति कुम्हेर तहसील के तोप सर्किल के पास फोन पर बात कर रहा है। वह अलग-अलग सेंटर्स पर जाकर परीक्षार्थियों से उनको पास करवाने का झांसा दे रहा है। उसके मोबाइल में सारी जानकारी मिल जाएगी।
पुलिस का डिकॉय ऑपरेशन
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने सबसे पहले 2-2 हजार के 49 नकली नोट लिए। उसके ऊपर 2 हजार का एक असली नोट लगाया। पुलिस कर्मी सादी वर्दी में तोप सर्किल के पास दुकान के पास छुप गए। उसमें से एक पुलिसकर्मी व्यक्ति के पास पहुंचा और अपने रिश्तेदार के रीट में चयन के बारे में पूछने लगा। बाकी के पुलिसकर्मी इशारे का इंतजार करते रहे। पुलिसकर्मी और आरोपी के बीच परीक्षा में चयन की सहमति बन गई। आरोपी ने पुलिसकर्मी से रीट में चयन के बदले 10 लाख रुपए मांगे और बताया कि 2 लाख रुपए एडवांस देने होंगे। पुलिसकर्मी ने आरोपी से कहा की अभी उसके पास एक लाख रुपए हैं। बाकी के पैसे की व्यवस्था 3-4 घंटे में कर देगा। आरोपी पुलिसकर्मी की बातों में आ गया। पुलिसकर्मी अपनी जेब से नकली नोटों की गड्डी निकाल कर आरोपी को दी। आरोपी ने पैसे तुरंत अपनी जेब में रख लिए। पुलिसकर्मी ने अपने बाकी के साथियों को इशारा किया। इसके बाद आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी में मिले कई फर्जी एडमिट कार्ड
आरोपी लक्ष्मण सिंह की जब तलाशी ली तो उसके पास से कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड मिले। उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया। जांच हुई तो मोबाइल में कई परीक्षार्थियों के वॉट्सऐप चैट पाए गए। पुलिस का दावा है कि लक्ष्मण ने बताया की वह पहले भरतपुर में कोचिंग सेंटर चलाता था। उस दौरान मुझे कई ऐसे लोग मिले जो यही काम करते थे। आरोपी ने बताया की वह और उसके साथी नौकरी लगवाने का झांसा देकर परीक्षार्थियों ने एडवांस पैसे ले लेते हैं। बाकी के पैसे नौकरी के बाद लेना तय कर लिया जाता है लेकिन पेपर का रिजल्ट आने के बाद कुछ परीक्षार्थी खुद ही पास हो जाते हैं। उनसे बाकी के पैसे भी ले लिए जाते हैं और जो पास नहीं होते उन्हें एडवांस लिए पैसे लौटा दिए जाते हैं।

भरतपुर जिले के रूपवास थाना इलाके में नवीन शिक्षा संस्थान में एक डमी परीक्षार्थी को स्कूल स्टाफ ने पकड़ कर पुलिस के हवाले किया। आरोपी गुड्डू गूजर धौलपुर के कोतवाली थाना इलाके में बिछिया गांव का रहने वाला है। गुड्डू गूजर दूसरी पारी में संतोष नाम के युवक की जगह पेपर दे रहा था। संतोष सवाई माधोपुर जिले के श्यामोली इलाके का रहने वाला है।
कैसे हुआ आरोपी गिरफ्त्तार
नवीन शिक्षा संस्थान के प्रिंसिपल महेश बाबू ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया की उन्हें रीट की परीक्षा में केंद्र अधीक्षक बनाया गया था। उनके पास दूसरी पारी में चल रहे पेपर के दौरान एक फोन आया जिसमें फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया की आपके सेंटर में एक परीक्षार्थी किसी दूसरे परीक्षार्थी की जगह पेपर दे रहा है। वह संतोष नाम के परीक्षार्थी के जगह पेपर दे रहा है।
फोन करने वाले व्यक्ति ने संतोष का रोल नंबर भी बताया जिसके बाद केंद्र अधीक्षक महेश बाबू ने संतोष की जगह पेपर देने वाले परीक्षार्थी के सभी डॉक्यूमेंट चेक किए। डॉक्यूमेंट चेक करने पर महेश बाबू को शक हुआ की वह सभी नकली डॉक्यूमेंट हैं। महेश बाबू ने संतोष की जगह पेपर दे रहे परीक्षार्थी से पूछताछ की तो वह घबरा गया।
आरोपी का कबूलनामा
गुड्डू के घबराते ही महेश बाबू ने पुलिस को मौके पर बुलाया पुलिस ने जब संतोष की जगह पेपर दे रहे परीक्षार्थी से पूछताछ की तो उसने कबूल किया की वह दूसरे परीक्षार्थी की जगह पेपर दे रहा है। जिस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।


