रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्टर डोज:डीएलसी रेट पर 15 फीसदी की छूट एलान; रजिस्ट्री, प्रोजेक्ट अप्रूवल, लीज डीड फीस पर मिलेगा फायदा

रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्टर डोज:डीएलसी रेट पर 15 फीसदी की छूट एलान; रजिस्ट्री, प्रोजेक्ट अप्रूवल, लीज डीड फीस पर मिलेगा फायदा

राजस्थान के बजट में इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट करने के लिए भी घोषणा की है। गहलोत ने बजट में बिल्डर को फायदा देने के लिए जमीनों की डीएलसी पर छूट देने की घोषणा की है। ये छूट 15 फीसदी तक दी जाएगी, लेकिन इसका फायदा आम पब्लिक (बिल्डर से मकान, दुकान या फ्लैट खरीदने वाले) को नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट घोषणा में बताया कि रियल एस्टेट सेक्टर एक बहुत बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर है। इस सेक्टर को राहत देने के लिए इनके आवासीय और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट की कॉस्ट को कम किया जाए, जिसके लिए जमीन की डीएलसी रेट्स पर 15 फीसदी तक की छूट देंगे। 1 से 2 हजार वर्गमीटर तक की जमीन पर बनाए जाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन की डीएलसी रेट्स पर 5 फीसदी, 2-3 हजार वर्गमीटर की जमीन पर 10 फीसदी और 3 हजार वर्गमीटर से ज्यादा जमीन पर डीएलसी रेट्स पर 15 फीसदी की छूट दी जाएगी।

इस छूट का लाभ केवल रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी कंपनियों और बिल्डर्स को मिलेगा। क्योंकि जब ये कंपनियां जमीन खरीदेगी तो उसकी खरीद पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी भी कम लगेगी। साथ ही प्रोजेक्ट को अप्रूड करवाने की फीस, जमीन की लीज डीड पर लगने वाले शुल्क पर इसका असर देखने को मिलेगा। इसका सीधा फायदा बिल्डिर को मिलेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी संस्था क्रेडाई राजस्थान गोपाल दास गुप्ता ने बताया कि सरकार ने जो डीएलसी रेट्स पर रियायत की घोषणा की है उससे रियल एस्टेट सेक्टर के व्यापारियों को कोई ज्यादा खास लाभ नहीं मिलेगा। इससे रजिस्ट्री शुल्क और प्रोजेक्ट अप्रूवल फीस समेत अन्य पर मामूली रियायत मिलेगी। हमारी मांग सरकार से आमजन को राहत देने वाली थी। हमने सरकार से सभी तरह के 50 लाख रुपए की कीमत वाले मकान-फ्लैट्स पर स्टाम्प ड्यूटी शुल्क 4 फीसदी करने की मांग की थी। साथ ही स्टाम्प ड्यूटी पर लगने वाले 30 फीसदी सरचार्ज को भी माफ करने की मांग की थी।