लापरवाही पड़ सकती है महंगी: रणथंभौर में 30% स्टाफ, 7 में से 5 रेंज प्रभारी संक्रमित; फिर भी चल रही 4 फिल्मों की शूटिंग, सवाल- बाघों में कोरोना फैला तो जिम्मेदारी किसकी?
प्रदेश में कोरोना का तांडव जारी है। पूरा प्रदेश लॉकडाउन में है। इसके बावजूद रणथंभौर नेशनल पार्क में फिल्मों की शूटिंग जारी है। वह भी तब,जब रणथंभौर में 7 में से 5 रेंज के प्रभारी समेत 30% स्टाफ पॉजिटिव है और एक कर्मचारी की मौत भी हो चुकी है। यही नहीं हैदराबाद में तो शेरों में भी कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पार्क में बाघों में कोरोना फैला तो किसकी जिम्मेदारी होगी? प्रदेश में जब सबकुछ बंद है तो जीवन-मरण के संघर्ष के बीच फिल्मिंग इतनी जरूरी क्यों है? मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के ज्यादातर जंगलों में ऐसी गतिविधियों पर रोक है। राजस्थान में ये गतिविधियां क्यों चल रही हैं?
जीवन-मरण के संघर्ष के बीच फिल्मिंग इतनी जरूरी क्यों?
राज्य सरकार की 18 अप्रैल को जारी गाइड लाइन में टूरिज्म सहित फिल्मिंग आदि सभी एक्टिविटी को बंद करने के आदेश जारी हुए थे। फिर अफसरों के निर्देश पर 24 अप्रैल को केवल फिल्मिंग व अनुसंधान कार्य को फिर से चालू कर दिया गया। गार्ड से लेकर रेंजर तक 100 में से करीब 30 बीमार हैं या होम क्वारेंटाइन हैं।
इन्हें मिली है शूटिंग की मंजूरी, इनमें 3 डॉक्यूमेंट्री
मै. टाइटन प्रोडक्शन लि. लंदन
फिल्म: टाइटन इंडिया
मंजूरी: 8 अप्रैल से 9 मई
क्रैजी ऐप प्रोडक्शंस, दिल्ली
फिल्म : टाइगर
मंजूरी : 1 अप्रैल से 30 जून 2021
मै. नेचर इन फोकस प्रा.लि., बंगलौर
फिल्म : सिक्रेट इंडिया: द रियल जंगल बुक
मंजूरी : 1 से 31 मई 2021 (इससे पहले 20-20 दिन की)
डॉ. उमा रामकृष्णम् रिसर्च : जेनेटिक वेरिएशन और इन-ब्रिडिंग इन रणथंभौर मंजूरी: नवंबर 19 से अक्टूबर 2022
आदेश करने वाले असहाय
सरकार के निर्देश पर शूटिंग के आदेश किए हैं। बंद करने को कहेंगे तो कर देंगे। -टीसी वर्मा, फील्ड डायरेक्टर
जंगल में फिल्मों की शूटिंग के मामले को पुन: सरकार के ध्यान में लाया जाएगा। -मोहनलाल मीणा, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन


