टीके का फिर टोटा: 45+ को नहीं लग सकी दूसरी डोज, सेंटरों से लौटे कई लोग
जिले में गुरुवार को फिर टीके का टोटा हो गया। जयपुर से पर्याप्त टीके नहीं मिलने के कारण सिर्फ 11 जगहों पर को वैक्सीन ही लग पाई। इनमें भी वैर सेंटर को दोपहर 3 बजे ही बंद करना पड़ा। जबकि जिले में कोविशील्ड तो कहीं लग ही नहीं पाई।
हालत यह हुई कि जिन लोगों के 45 और 84 दिन पूरे हो चुके हैं, उन्हें भी वैक्सीनेशन सेंटरों से बैरंग लौटना पड़ा। कुछ लोगों का कहना था कि दूसरी डोज के लिए वे 2-3 दिन से चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन टीका नहीं लग पा रहा है।
इधर, आरसीएचओ डा. अमरसिंह सैनी का कहना है कि कोविशील्ड वैक्सीन की राज्य स्तर पर ही शार्टेज है। जिला स्टोर में भी वैक्सीन का स्टॉक शून्य है। इसलिए जब तक जयपुर से वैक्सीन नहीं आती। तब तक कोविशील्ड टीके नहीं लग सकते। अभी को-वैक्सीन की डोज लगाई जा रही हैं।
टीके पर टकटकी लगाए बैठे ये लोग, कब आएगी वैक्सीन
दूसरी डोज के लिए 3 दिन से चक्कर लगा रहे हैंः हरिसिंह
बसंत विहार भरतपुर निवासी हरिसिंह ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी चंद्रकला ने 5 अप्रैल को पहली डोज लगवाई थी। उनकी दूसरी डोज 84 दिन बाद 28 जून को ड्यू हो गई है। वे पिछले तीन दिन से लगातार चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, हर रोज उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि कोविशील्ड वैक्सीन नहीं है।
दूसरी डोज के लिए मैसेज आया, हम सेंटर पर गए तो वैक्सीन ही नहीं थी : अजीराम
वैर में वार्ड नंबर 9 के अजीराम धाकड़ ने बताया कि वे सीएचसी पर गुरुवार दोपहर दूसरी डोज लगवाने आए थे। लेकिन, यहां कोविशील्ड वैक्सीन ही नहीं है। उन्होंने 7 अप्रैल को कोविशील्ड की पहली डोज लगवाई थी। दूसरी डोज के लिए मैसेज आया सेंटर पर गए तो वहां डोज ही नहीं थी।
मैं घर का जरूरी काम छोड़कर आई थी, सेंटर पर बोले- वैक्सीन नहीं है : मंगली
वैर के ही भोपर निवासी मंगली धाकड़ ने बताया कि वह घर का सारा काम छोड़कर वैक्सीन लगवाने आई थीं। लेकिन, यहां बोल रहे हैं कि कोविशील्ड वैक्सीन ही नहीं है, बाद में आना। उसने पहली डोज 8 मार्च को लगवाई थी। उसे 23 मई को ही 84 दिन पूरे हो गए।
कोई यह भी नहीं बता रहा कि कोविशील्ड वैक्सीन कब आएगी
वैर के ही रहने वाले कल्लूराम सैनी को 25 जून को दूसरी डोज लगनी थी। वे सेंटर पर पहुंचे तो वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। कोई बताने को तैयार नहीं कि कोविशील्ड वैक्सीन कब आएगी।


