यह कैसा प्यार: पत्नी की हत्या में उम्रकैद काट रहे कैदी के साथ रहने सेवर खुली जेल में पहुंची प्रेमिका
सेवर सेंट्रल जेल के अफसर उस समय आश्चर्य चकित रह गए जब दहेज हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे उच्चैन निवासी एक कैदी अजय जाटव के साथ स्थाई रूप से रहने के लिए उसकी प्रेमिका खुली जेल में आ गई। चूंकि नियमानुसार इस तरह किसी महि्ला को कैदी के साथ रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती थी। इसलिए अधिकारियों ने उसे समझाते हुए वहां रहने से मना कर दिया।
लेकिन, युवती कैदी के साथ रहने के लिए अड़ गई। इस पर जेल अधिकारियों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। सेवर के एएसआई रमेश के मुताबिक उन्होंने भी युवती को पहले अपने-मां-बाप अथवा किसी रिश्तेदार के यहां जाने के लिए समझाया। लेकिन वह नहीं मानी तो जिला समाज कल्याण अधिकारी पूरन सिंह के आदेश पर उसे नारी निकेतन भिजवा दिया था।
पिछले 1 साल से खुली जेल में है कैदी अजय
उच्चैन की 27 वर्षीय युवती खुली जेल में जिस कैदी अजय से मिलने आई थी, वह दहेज हत्या के मामले में पिछले 8 साल से सजा भुगत रहा है। जेल अधीक्षक अशोक वर्मा के मुताबिक 7 साल की सजा सेंट्रल में बिताने के बाद अच्छे चाल-चलन के कारण उसे खुली जेल में रहने की इजाजत दी गई है। लेकिन, अजय तो अभी भी खुली जेल में ही है। लेकिन, उसकी प्रेमिका कहां चली गई।
मां-बाप से जान को खतरा बताकर एसपी से भी मांगी थी सुरक्षा
उच्चैन क्षेत्र की रहने वाली इस 27 वर्षीय युवती और उसके 35 वर्षीय प्रेमी अजय ने 4 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार विश्नोई को अर्जी देकर सुरक्षा मांगी थी। अर्जी में युवती ने कहा था कि वह घरवालों की मर्जी से शादी नहीं कर रही। जबकि वह अपने गांव के ही इस कैदी युवक से प्यार करती है। इसलिए वे उसके खिलाफ हैं और जान से मारने का प्लान बना रहे हैं। वे पहले कोशिश भी कर चुके है। अब उन दोनों की जान को खतरा है। एसपी देवेंद्र विश्नोर्ई ने उनकी यह अर्जी जांच के लिए उच्चैन थाना प्रभारी को भेजी दी। साथ ही बालिग होने के कारण लड़की के माता-पिता और अन्य लोगों को पाबंद करने के निर्देश दिए। इधर, यह युवती उसी दिन प्रेमी के साथ रहने खुली जेल में पहुंच गई थी।
नारी निकेतन से अगले ही दिन चली गई थी युवती
राजकीय नारी निकेतन की अधीक्षक सीमा शर्मा ने बताया कि उच्चैन की रहने वाली जिस युवती को पुलिस ने 4 अप्रैल की रात्रि यहां दाखिल कराया था। वह अगले ही दिन चली गई। उसे लेने के लिए 35-36 साल का युवक आया। उसका युवती से क्या रिश्ता था, यह न तो उन्होंने पूछा और न ही उन दोनों बताया। चूंकि युवती बालिग थी, इसलिए हम उसे रोक भी नहीं सकते थे।


