मनरेगा श्रमिकों की कल से होगी ऑनलाइन हाजिरी, मस्टररोल में गड़बड़ी रुकेगी

मनरेगा श्रमिकों की कल से होगी ऑनलाइन हाजिरी, मस्टररोल में गड़बड़ी रुकेगी
नरेगा स्थल पर कार्य करते श्रमिक

मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा रोकने की कवायद के तहत राज्य सरकार ने अब श्रमिकों की हाजिरी व्यवस्था को ऑनलाइन करने का फैसला किया है। इसके तहत काम करने वाले श्रमिकों की हाजिरी ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इसके बाद अब मैट अथवा सरपंच न मस्टररोल में फर्जी नाम लिख सकेंगे और न ही उनकी फर्जी हाजिरी करवा सकेंगे। बल्कि मस्टररोल में दोहरे नाम भी पकड़ में आ जाएंंगे। फिलहाल भरतपुर जिले की 10 पंचायत समितियों की 50 ग्राम पंचायतों में इसे शुरू किया जाएगा।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के ईजीएस आयुक्त अभिषेक भगोतिया के मुताबिक इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एमएमएस) एप लांच किया गया है। इससे श्रमिकों की हाजिरी के साथ ही अन्य कार्यों में भी पारदर्शिता आएगी।

इसके तहत रोजाना सुबह 11 बजे मेट को सभी श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। इससे पहले प्रत्येक ग्राम पंचायत में मैट अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से नरेगा सॉफ्ट के पीओ लॉगिन करेंगे। रोजाना सुबह 11 बजे से पहले सभी श्रमिकों की उपस्थिति और कार्यस्थल की फोटो अपलोड करेंगे। श्रमिकों की हाजिरी पखवाड़े की शुरुआत से ही दर्ज करनी होगी। नरेगा में फर्जीवाड़े को लेकर कई मैट ब्लैकलिस्ट हो चुके हैं।

हर ब्लॉक की 5-5 ग्राम पंचायतों में ट्रायल, मैट रोजाना एमएमएस एप पर अपलोड करेंगे उपस्थिति

ऑनलाइन हाजिरी से सही समय पर मिलेगी मजदूरी
फिलहाल हर ब्लॉक की कम से कम 5 ग्राम पंचायतों में चल रहे कामों पर लगे श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन शुरू की जाएगी। इसके बाद इसे सभी पंचायतों के लिए अनिवार्य किया जाएगा। इससे श्रमिकों को सही समय पर मजदूरी मिल सकेगी।

हाजिरी के लिए सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को किया पाबंद
ऑनलाइन हाजिरी के लिए प्रदेश में जिला परिषदों के सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पाबंद किया है। ट्रायल के तौर पर यह उपस्थिति 13 अगस्त से हर ब्लॉक की 5 पंचायतों पर लागू होगी। लेकिन, उसके बाद इसे जिले की हर पंचायत में अनिवार्य किया जाएगा। इससे राज्य स्तर पर भी रियल टाइम पता चल सकेगा कि किस साइट पर कितने श्रमिक काम कर रहे हैं।