रेलवे भर्ती में नकल में के जरिए परीक्षा लेने आती थी नकल गैंग, एक दिन की ड्यूटी के 350 रुपए मिले

रेलवे भर्ती में नकल में  के जरिए परीक्षा लेने आती थी नकल गैंग, एक दिन की ड्यूटी के 350 रुपए मिले

शहर के सांगानेर सदर इलाके में पकड़े गए रेलवे भर्ती प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले एक गिरोह से पूछताछ में अहम खुलासे हो रहे है। इनमें सबसे अहम बात ये कि नकल करवाने आरोपी युवक एक ठेकेदार के मार्फत परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी करने आ रहे थे। इसकी एवज में इनको 350 रुपए एक दिन की ड्यूटी के लिए मिल रहे थे। पुलिस के प्रारंभिक अनुसंधान में यह भी सामने आया है कि गिरोह में शामिल ये लोग रेलवे भर्ती ऑनलाइन परीक्षा के दौरान 28 दिसंबर से परीक्षा केंद्रों पर परीवीक्षक की ड्यूटी करने आ रहे थे।

सांगानेर सदर थानाप्रभारी हरिपाल सिंह राठौड़ केस की मॉनिटरिंग कर रहे है। राठौड़ के मुताबिक गुरुवार को गिरफ्तार हुए सभी छह आरोपियों में एक परीक्षा देने वाला अभ्यर्थी है, जबकि पांच जिस कॉलेज में परीक्षा केंद्र था। वहां ड्यूटी देने वाले परीवीक्षक है। ये अस्थाई कर्मचारी है। इन सभी को 20 फरवरी तक रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

परिवीक्षक के लिए निर्धारित मापदंडों पर होने वाले योग्यता नहीं रखते है आरोपी

थानाप्रभारी के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा लेने के लिए परिवीक्षक नियुक्त करने के लिए जो निर्धारित मापदंडों और योग्यता होती है। वह पुलिस की गिरफ्त में आए नकल करवाने वाले गिरोह के एक भी युवक में नहीं है। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन को भी नोटिस देकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस का मानना है गिरोह में और भी लोगों की भूमिका हो सकती है। इसकी पड़ताल की जा रही है।

परीक्षा देने के बाद 3 लाख रुपए की हुई थी डील, अब गैंग से मिलवाने वाले मध्यस्थ की तलाश

सांगानेर सदर थानाप्रभारी हरिपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि परीक्षा से करीब दो सप्ताह पहले कोटपूतली में ही रहने वाले परीक्षार्थी मुकेश कुमार को उसके परिचित ने कहा था कि उसके परीक्षा केंद्र पर नकल पर्ची उपलब्ध करवा सकता है। कुछ लोग उसके परिचित है। लेकिन इसकी एवज में 3 लाख रुपए की डिमांड की। ये रुपए मुकेश के परीक्षा देने के बाद गैंग को देना तय हुआ था। लेकिन इस बीच गैंग के पांचों आरोपी और परीक्षा देने वाला परीक्षार्थी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पुलिस ने दलाल को नामजद कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

इस तरह पकड़ा गया गैंग

डीसीपी हरेंद्र महावर के मुताबिक टीसीएस कम्पनी के मैनेजर शिवशंकर सैनी ने सांगानेर सदर थाने में 17 फरवरी को मुकदमा दर्ज करवाया था कि टीसीएस कम्पनी द्वारा रेलवे भर्ती बोर्ड की ऑनलाइन परीक्षा कराई जा रही है। बुधवार को भी एक परीक्षा सीतापुरा जयपुर में स्थित जीआईटी कॉलेज में चल रही थी। तब चैकिंग के दौरान फ्लाइंग टीम को परीक्षा दे रहे मुकेश कुमार के पास एक पर्ची मिली। इसमें सभी प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए थे। पूछताछ में मुकेश ने बताया कि उत्तर लिखी हुई यह पर्ची कॉलेज में परीक्षा ड्यूटी में लगे परिवीक्षकों ने दी है। पुलिस ने मुकेश की निशानदेही पर कॉलेज के पांच कर्मचारियों को पकड़ लिया।

ये हैं नकल के ठेकेदार

  • विकास गुर्जर (21) निवासी गांव श्रीरामपुरा, कानोता जयपुर
  • राधाकिशन गुर्जर (26) निवासी गांव श्रीरामपुरा, कानोता जयपुर
  • सुरेश गुर्जर (28) निवासी दतवास जिला टोंक
  • अशोक कुमार मीणा (27) गांव चांदावास थाना रामगढ़ पचवारा जिला दौसा
  • अशोक चौधरी (28) निवासी सदारामपुरा थाना चाकसू
  • मुकेश कुमार गुर्जर (25) निवासी गांव सुंदरपुरा थाना कोटपूतली (ये परीक्षा देने वाला है)