अजीब रिश्ते की काउंसलिंग:विवाहिता अडिग, बाेली- 'पति नही प्रेमी संग रहूंगी, 3 बच्चाें का जिम्मा भी नहीं लूंगी', पति पसीजा, कहा- संतानाें काे मैं संभालूंगा
एक विवाहिता ने अपने प्रेमी युवक के साथ रहने के लिए पति व तीन मासूम बच्चों को छोड़ दिया था। पति के काफी आग्रह के बाद भी वह नहीं लौटी। इस पर पति हाईकोर्ट पहुंचा व प्रेमी के कब्जे से पत्नी को छुड़ाने की गुहार की। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई में विवाहिता ने पति के साथ लौटने व बच्चों की जिम्मेदारी उठाने से इनकार कर दिया था।
इस पर हाईकोर्ट ने 10 दिन के लिए महिला को नारी निकेतन भेजने एवं काउंसलिंग बढ़ाने को कहा था। 10 दिन बाद बुधवार को विवाहिता को फिर हाईकोर्ट में पेश किया। नारी निकेतन में रहने और काउंसलिंग के बाद भी विवाहिता का मन नहीं बदला। खंडपीठ ने बंद कमरे में उससे बातचीत की। विवाहिता अपने तीन मासूमों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हुई। उसने अपने प्रेमी युवक के साथ ही रहने की इच्छा भी जताई।
पहले तो पति ने भी मासूमों की देखरेख से इनकार किया था
पत्नी का रुख देखकर पति ने बच्चों की जिम्मेदारी ली। हालांकि पिछली बार पति ने भी असमर्थता जताई थी। जस्टिस संदीप मेहता व देवेंद्र कच्छवाहा की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को निस्तारित कर दिया। हालांकि कोर्ट ने समाज कल्याण विभाग से पति को बच्चों की परवरिश के लिए मदद दिलाने और इस संबंध में 8 अप्रेल को प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता की अाेर से अधिवक्ता संपत प्रजापत ने पैरवी की।
महिला ने माना- विधिवत शादी फिर बच्चे हुए, प्रेमी के साथ दबाव से नहीं इच्छा से रह रही हूं
जोधपुर के बनाड़ निवासी युवक ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आग्रह किया था कि पत्नी को ओसियां तहसील के एक युवक ने अवैध रूप से बंधक बना रखा है। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने युवती को कोर्ट में पेश किया था। महिला ने उस वक्त माना था कि उसकी याचिकाकर्ता से विधिवत रूप से शादी हुई है। उसके तीन बच्चे भी हुए, लेकिन उसने पति के साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। उसने यह भी कहा, कि वह रेस्पोडेंट प्रेमी युवक के साथ बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से रह रही है।
कोर्ट ने आत्मसंयम प्राप्त करने को दिए थे 10 दिन
कोर्ट ने विवाहिता यानि कॉरपस को आत्मसंयम प्राप्त करने के लिए थोड़ा समय देने की जरूरत बताते हुए उसे नारी निकेतन भेजने के आदेश दिए थे। काउंसलिंग भी करने को कहा था। हालांकि इन सबके बावजूद महिला ने निर्णय नहीं बदला।


