नशे का बढ़ता कारोबार: चार दिन में सीकर में 665 किलो अफीम के पौधे और गांजा बरामद

नशे का बढ़ता कारोबार: चार दिन में सीकर में 665 किलो अफीम के पौधे और गांजा बरामद

जिले में नशे का काराेबार तेजी से फैल रहा है। चार दिनाें में 665 किलाे 421 ग्राम अफीफ के पाैधे और गांजा बरामद हाे चुका है। लक्ष्मणगढ़ के डालमास के पास पचाराें की ढाणी में स्थित खेत में 313 किलाे 500 ग्राम वजनी अफीम के 1255 पाैधाें के साथ पकड़ में आया आराेपी प्रभात पचार प्याज की फसल के बीच अफीफ के पाैधे तैयार कर रहा था। प्रभात चीलम पीने तथा डाेडा पाेस्त खाने के लिए अफीम की पौध तैयार कर रहा था।दाे महीने पहले एक बावरिया उसके घर आया था और उसी ने बीज दिए थे।

बावरिया काे वह नाम से नहीं जानता है। इधर, रामगढ़ सेठान में दूध की सप्लाई की आड में अफीफ की तस्करी करने वाले नेठवा निवासी दीलिप जाट काे 371 ग्राम अफीम रामगढ़ के ही खरींटा की ढाणी का जयप्रकाश देकर गया था। दीलिप अफीम बेचने की फिराक में था। लेकिन, इससे पहले ही पुलिस ने इसकाे दबाेच लिया।

नशे के लालच में सींचने लगा पाैधे

अजीतगढ़ में पांच दिन पहले ऋषि उदासीन निर्वाण आश्रम में सुरवाला तन सुराणी के आराेपी सीताराम रैगर काे खेत में 61 किलाे के 2660 पाैधे अफीफ के साथ गिरफ्तार किया था। सीताराम किराए पर खेत लेकर खेती करता है। अफीफ की खेती वाला खेत उसके साधु भाई का है। पांच-छह महीने पहले खेत पर बड़ा भंडारा किया था। उस दाैरान कई जगहाें से नशा करने वाले साधु भी आए थे। नशे के दाैरान वे यहां बीज डाल गए और इनके पाैधे जब बडे़ हाेने लगे ताे नशे के लालच में सीताराम इनमें पानी देकर सींचने लगा।