मौत के 40 दिन बाद दुबई से राजस्थान आएगा शव:कंपनी ने कोरोना से मौत बताकर शव को देश नहीं भेज रही थी, परिजन बोले- हार्ट अटैक से हुई मौत
गुसाई की ढाणी तन बास कालियासर के पन्नेसिंह (44) का शव करीब 40 दिन बाद शुक्रवार को स्वदेश आएगा। पन्नेसिंह दुबई की एक कंपनी में काम करता था। 7 मार्च को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। कंपनी ने कोरोना से मौत बताकर शव को देश नहीं भेज रही थी। परिजन जिद पर अड़े रहे कि वहां पर दाह संस्कार की इजाजत नहीं देंगे। नतीजा ये रहा कि शव शुक्रवार सुबह गांव पहुंचेगा।
परिजन व ग्रामीण लगातार 40 दिन से शोक बैठक कर रहे हैं। मृतक की बेटी मुकेश ने कहा था कि उसके पापा के शव को एक भी खरोंच नहीं आनी चाहिए।
गौरतलब है कि पन्नेसिंह हमेशा की तरह ही 7 मार्च को ड्यूटी पर गया था। ड्यूटी के दौरान ही सीने में दर्द उठा। जब तक उसे अस्पताल ले जाते उसकी मौत हो गई। ग्रामीण शीशराम ने बताया कि मौत के बाद सरकार और कंपनी को संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में वहां के अस्पताल या फिर कंपनी ने हेराफेरी की। जिस पन्नेसिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई। उसे कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा है। परिजनों की जिद के आगे कंपनी की एक नहीं चली और आखिरकार 40 दिन बाद उसका शव भेजने की स्वीकृति प्रदान कर दी।
पन्नेसिंह की दोनों बेटियां जो शव को गांव लाने के लिए अड़ी रहीं।
पन्नेसिंह की दोनों बेटियां जो शव को गांव लाने के लिए अड़ी रहीं।
दुबई सरकार ने संक्रमित मानकर शव भेजने से कर दिया था इनकार
पन्नेसिंह होली पर वह घर आने वाला था, लेकिन इससे पहले ही मौत हो गई। वहां की सरकार कोरोना का हवाला देते हुए शव भारत नहीं भेज रही थी। पन्नेसिंह की मृत्यु नौ मार्च को हुई। पन्नेसिंह करीब दोसाल से दुबई की कंपनी अल बस्ती एंड मुक्था एलएलसी दुबई में काम करता था। उसने गांव के लोगों से कर्जा लेकर मकान पिछले दिनों ही बनाया था, जिसकी उसे टेंशन थी। उसका सपना था कि मकान बनने के बाद वह अपनी दो बेटियों और बेटे की शादी कर देगा।


