सीबीएसई बाेर्ड परीक्षार्थियाें में असमंजस, 75% उपस्थिति जरूरी
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड की 10वीं व 12वीं की बाेर्ड परीक्षाओं में शामिल हाेने के लिए 75 फीसदी अनिवार्य उपस्थिति काे लेकर विद्यार्थियाें के सामने संकट खड़ा हाे गया है। सीबीएसई द्वारा नए सत्र के लिए आयाेजित हाेने वाली बाेर्ड परीक्षा में अनिवार्य उपस्थिति नियम काे लागू किया जाता है। ताे ऑनलाइन क्लासेज नहीं ले पाने वाले बाेर्ड कक्षाओं के परीक्षार्थियाें के सामने संकट खड़ा हाेना तय माना जा रहा है।
सीबीएसई 1 अप्रेल से नया सेशन शुरू मानकर बाेर्ड परीक्षा में अटेंडेंस के लिए ऑनलाइन क्लासेज काे आधार बना रहा है। ताे वही केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की काेराेना के मद्देनजर जारी गाइडलाइन के हिसाब से विद्यार्थियाें काे स्कूल आने की बाध्यता से छूट मिली हुई है। ऐसे में विभिन्न कारणाें से ऑनलाइन क्लासेज नहीं लेने वाले विद्यार्थियाें के सामने बाेर्ड परीक्षा काे लेकर भम्र पैदा हाे गया है।
इस बीच सीबीएसई की ओर से बाेर्ड परीक्षाओं के फार्म भरवाएं जा रहे है। लेकिन उपस्थिति काे लेकर अभी तक बाेर्ड की ओर से अधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि सीबीएसई की ओर से 15 फीसदी उपस्थिति की छूट दिए जाने की बात सामने आ रही है।
अभी तक काेई आदेश नहीं आया है- डाॅ. शर्मा
सीबीएसई काेआर्डिनेटर डाॅ. रविशंकर शर्मा ने बताया कि लाॅकडाउन व अनलाॅक चार के दाैरान ऑनलाइन क्लासेज नहीं लेने वाले विद्यार्थियाें के लिए बाेर्ड परीक्षा में अटेंडेंस काे लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। उसके आने के बाद ही पता लगेगा कि बाेर्ड स्टूडेंट्स की उपस्थिति का निर्णय हाेगा।
15 फीसदी की छूट मिलेगी, पर आदेश नहीं
सीबीएसई की ओर से 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियाें के लिए बाेर्ड परीक्षा के लिए आवश्यक 75 फीसदी उपस्थिति काे लेकर 15 फीसदी की छूट देने की बात कही जा रही है। लेकिन अधिकारिक आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ है। सीबीएसई के नाेडल अधिकारी डाॅ. रविशंकर शर्मा बताते है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 2021 के बोर्ड परीक्षार्थियाें काे उपस्थिति में 15 फीसदी की छूट मिलने की बात सामने आ रही है।
ये छूट लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लास नहीं लेने वाले विद्यार्थियाें काे मिलेगी। इसमें तकनीकी कारणों से ऑनलाइन क्लास में नहीं आने वाले को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 15 फीसदी की छूट दी जाएगी। इसमें अप्रैल से सितंबर तक सीबीएसई कैसे छूट देगी ये उन पर निर्भर है।
जिले के सभी 65 स्कूल 31 तक हैं बंद
जिले में सीबीएसई के 65 स्कूल हैं और इनमें 10वीं व 12वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियाें की संख्या करीब 10 हजार है। कोरोना के कारण बहुत से बच्चे ऑनलाइन क्लास नहीं कर पाए। इनमें कई बच्चाें काे इंटरनेट संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा है। ताे कई स्थितियां सही नहीं हाेने से ऑनलाइन काेर्स की फीस जमा नहीं करा सके।
इन बच्चाें की बाेर्ड परीक्षा काे लेकर सीबीएसई काे जल्द ही निर्णय करना है। अभिभावकाें की मानें ताे उपस्थिति काे लेकर सीबीएसई काे इस साल बाध्यता हटा देनी चाहिए। इसके पीछे कई वजह है। सीबीएसई केवल बड़े शहराें या बड़े स्कूलाें काे देखकर उपस्थिति का नियम लागू कर रहा है। ताे ये पूरी गलत है। इन स्कूलाें में ताे तकनीकी रूप से पूरे संसाधन है।


