वैक्सीन पर फिर केंद्र-राज्य आमने-सामने:​​​​​​​ गहलोत ने लिखा- डॉ. हर्षवर्धन से वैक्सीन पर झूठा बयान देने की उम्मीद नहीं थी, राज्यों पर मिस मैनेजमेंट का आरोप गलत

वैक्सीन पर फिर केंद्र-राज्य आमने-सामने:​​​​​​​ गहलोत ने लिखा- डॉ. हर्षवर्धन से वैक्सीन पर झूठा बयान देने की उम्मीद नहीं थी, राज्यों पर मिस मैनेजमेंट का आरोप गलत

कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार आमने सामने आ गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राज्यों के पास पर्याप्त वैक्सीन होने का बयान दिया है। हर्षवर्धन के इस बयान पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार करते हुए निशाना साधा है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा- मैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से यह उम्मीद नहीं करता था कि वे 'राज्यों में पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध होने' जैसा असत्य बयान देंगे। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा राज्यों पर मिस मैनेजमेंट का आरोप लगाना एकदम गलत है।

गहलोत ने लिखा- केंद्र सरकार ने 10% वैक्सीन के खराब होने की छूट दी थी लेकिन राजस्थान में वैक्सीन के वेस्टेज का प्रतिशत सिर्फ 7% है। राजस्थान में पूरे देश में सर्वाधिक वैक्सीनेशन हुआ है। केंद्र सरकार को यह मानने में कोई बुराई नहीं थी कि देश में वैक्सीन की उपलब्धता कम है और राज्य सरकारों को उसी के अनुसार वैक्सीनेशन का कार्यक्रम बनाना चाहिए।

केंद्र सरकार वैक्सीन की आपूर्ति करने में विफल, एडवाइजरी जारी करनी चाहिए थी

गहलोत ने लिखा- केंद्र सरकार राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड और असम में वैक्सीन की नियमित आपूर्ति करने में विफल रही है। जिसके कारण इन राज्यों में कई जगह वैक्सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि केंद्रीय मंत्री कोरोना संक्रमण और वैक्सीनेशन पर गलतबयानी करने की बजाय आमजन के हित में सत्य सामने रखकर काम करेंगे। मेरा यह भी मानना है कि केंद्र सरकार को इस बारे में गलतबयानी करने की जगह आधिकारिक तौर पर एडवायजरी जारी कर कहना चाहिए था कि वैक्सीन उपलब्ध होने में थोड़ा समय लगेगा, जिससे भविष्य में लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति ना बने और लोगों का वैक्सीन में विश्वास बना रहे।

वैक्सीन स्टॉक पर सियासत क्यों

कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद से ही केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच कई बार बयानबाजी हो चुकी है। वैक्सीन का स्टॉक कम होने के कारण पिछले रविवार को कई सेंटर्स पर वैक्सीनेशन बंद करना पड़ा था। पिछले सप्ताह भर से राज्य में वैक्सीन स्टॉक की कमी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजस्थान के पास करीब तीन लाख वैक्सीन डोज का ही स्टॉक है, जिससे केवल एक दिन ही वैक्सीनेशन हो सकता है।

कल सर्वदलीय VC में केंद्र के खिलाफ बयानबाजी रोकने का सुझाव, आज CM का निशाना

कोरोना पाबंदियों को लेकर कल CM अशोक गहलोत ने सभी दलों के नेताओं, धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकताओं और कर्मचारी संगठनों के साथ VC की थी। कल की VC में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री को वैक्सीन और कोरोना को लेकर केंद्र के खिलाफ बयानबाजी नहीं करने और स्वास्थ्य मंत्री की बयानबाजी पर रोक लगाने का सुझाव दिया था। आज मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पर निशााना साध दिया।