नशे के 4 सौदागर सलाखों के पीछे:करोड़ों कमाने को बने नशे के सौदागर
युवा पीढ़ी को नशे की लत लगाने वाले नशे के 4 सौदागर अब सलाखों के पीछे हैं। आसानी से मिलने व बेची जाने वाली ये नशे की गोलियां व कफ सीरप के नाम से दुकानदार आसानी से दुकान में छुपकर बेच रहा था। जैसे ही नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड को इसकी भनक लगी तो गोदाम पर छापा मारते हुए 6 लाख नशे की गोलियां व 338 सीरप जब्त कर ली गई। टीम ने पाल सांगरिया बाइपास स्थित मोटर मार्केट के पास कार्रवाई करते हुए एक कार में नशे की गोलियां बरामद कीं।
इसके साथ ही चार जनों को गिरफ्तार भी किया गया। पकड़े गए चारों आरोपी जल्दी करोड़पति बनने के लिए नशे के सौदागर बने थे। टीम ने इनके पास से एक कार भी जब्त की है। इनके पास से प्रतिबंधित नशीली गोलियां ट्रेमाडोल व कोडिन साल्ड की कफ सीरप बरामद की गई। ये सभी स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक हैं। जबकि ये नशे के सौदागर इन गोलियों व सीरप को युवा पीढ़ी को बेच रहे थे।

जल्द पैसा कमाने की लालसा में हुआ गठबंधन
सूत्रों की मानें तो पकड़े गए चार नशे के सौदागरों में दो बीटेक पास हैं। इनमें फलाेदी में दवा दुकान का संचालक हनुमान विश्नोई व फलाेदी में ही खाद-बीज की दुकान चलाने वाला संदीप दोनों बीटेक पास हैं। वहीं मोहित जीएनएम कर रहा है। ये तीनों पढ़े-लिखे युवा मोटी कमाई के चलते नशे के सौदागर बन गए। वहीं एक अन्य सोमेश्वर फोटो स्टूडियो चलाता है।
मोहित व सोमेश्वर की पहचान कुछ साल पहले हुई थी। हालांकि दोनों का प्रोफेशन अलग-अलग है। मोहित जीएनएम तो सोमेश्वर फोटो स्टूडियो चलाता है। दोनों में रुपए-पैसों को लेकर बातचीत होती थी। कोई नए काम की तलाश को लेकर चर्चाएं भी होती थीं। इस बीच मोहित के पास नशे की गोलियां सप्लाई करने का काम आया तो उसने अपने दोस्त सोमेश्वर को भी साथ में ले लिया। फिर दोनों नशे के सौदागर बन गए।
जिस कंपनी से नशे की खेप बनवाई, उसका मालिक व बेटा गिरफ्तार
मुख्य सरगना की तलाश अभी भी एनसीबी को है। हालांकि इसमें पकड़े गए 4 जनों में से 2 जेल तो 2 को रिमांड पर लिया है। सूत्रों के अनुसार नशे की ये खेप दिल्ली की न्यू टेक कंपनी से बनवाई गई थी। कंपनी पर भी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने कंपनी के मालिक व उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। ट्रेमाडोल व कोडिन सीरप की बोतलें न्यू टेक फार्मा कंपनी से ही जोधपुर मंगवाई थी। इसे संभाग स्तर पर सप्लाई किया जा रहा था।


