जन संकल्प से ही हारेगा कोरोना: कोरोना पॉजिटिव हुए तो डॉक्टर ने एक ही बात कही थी ऑक्सीजन लेवल कम न हो, योग किया-भाप ली, फिल्में देख डर को दूर किया, 8 दिन में हुए नेगेटिव

जन संकल्प से ही हारेगा कोरोना: कोरोना पॉजिटिव हुए तो डॉक्टर ने एक ही बात कही थी ऑक्सीजन लेवल कम न हो, योग किया-भाप ली, फिल्में देख डर को दूर किया, 8 दिन में हुए नेगेटिव

मैं और मेरे पिता वेद प्रकाश गोयल (52) दोनों ही पॉजिटिव हो गए थे। हमने डाक्टर्स के मुताबिक दवाएं ली और ऑक्सीजन लेवल को बनाए रखने के लिए योग किया। भाप (स्टीम) का नियमित सेवन किया। नतीजा यह रहा कि दूसरी रिपोर्ट में ही हम दोनों नेगेटिव आ गए।

संक्रमण कैसे हुआ इसका तो हमें भी नहीं पता। लेकिन, आशंका है कि मेरे पिता नई मंडी में आढ़त का काम करते हैं। संभवतः उन्हें वहीं से संक्रमण हुआ। उन्हें कुछ परेशानी महसूस हुई। बुखार और सिरदर्द की शिकायत भी रही। शुरू में तो हमने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन, सिविल इंजीनियर होने के कारण मुझे गुड़गांव जाना था।

कंपनी में आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट जमा करानी जरूरी थी। इसलिए 19 अप्रैल हम दोनों ने जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने हमें होम आइसोलेट होने की सलाह दी। यह भी बताया कि ऑक्सीजन लेवल कम नहीं होना चाहिए। इस पर हमने प्राकृतिक चिकित्सक डाॅ. वीरेंद्र अग्रवाल से सलाह मशविरा किया। हमने दिन में दो बार प्राणायाम, अनुलाेम-विलाेम करने के साथ ही भाप ली।

इस तरह ऑक्सीजन लेवल को 95-96 प्रतिशत से कम नहीं होने दिया। साथ में गुनगुना पानी और आयुर्वेदिक काढ़ा भी लिया। तीन दिन बाद हम सामान्य स्थिति में थे। हमने दूसरी जांच 26 अप्रैल को कराई जिसमें हमारी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई है। इस दौरान हमने पुरानी फिल्में देखीं और किताबें पढ़ींं। इससे डर को मन पर हावी नहीं होने दिया और परिवार में सकारात्मकता बनाए रखी।

एक्सपर्ट व्यू... गर्म भाप फेफड़ों में कफ को जमने नहीं देती

प्राकृतिक चिकित्सक डाॅ. वीरेंद्र अग्रवाल बताते हैं कि कोरोना संक्रमण में भाप स्नान के साथ साथ गले, छाती की भाप, छाती की लपेट और नाक की भाप बहुत लाभ देती है। गर्म भाप फेफड़ों में म्यूकस को जमने नहीं देती। फेफड़ों या श्वास नलिका में जब कफ, म्यूकस होता है तो इससे वायरस को पनपने में आसानी होती है।

इस कारण गर्म भाप कफ को जमने से रोकती है। भाप स्नान से शरीर सेनेटाइज हो जाता है। लंबी गहरी श्वांस नाक से लेना और नाक से ही छोड़ने से फेफड़ों को अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन मिलता है। अच्छा आक्सीजन फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाता है।