शुभ शक्ति योजना:लाभ लेने को करना पड़ रहा कठिन परिश्रम; एक साल में 1347 बेटियों ने मांगी मदद, एक को भी नहीं मिली

शुभ शक्ति योजना:लाभ लेने को करना पड़ रहा कठिन परिश्रम; एक साल में 1347 बेटियों ने मांगी मदद, एक को भी नहीं मिली

सरकार के भी अजब खेल हैं। जन कल्याण के नाम पर बड़ी-बड़ी घोषणाएं। हकीकत-बजट के अभाव में वे धरातल पर ही नहीं आ पा रही हैं। अब श्रम विभाग की ओर से चलाई जा रही शुभ शक्ति योजना को ही ले लीजिए। पिछले एक साल में इस योजना में 1347 बेटियों ने मदद मांगी। लेकिन, एक को भी इस योजना का लाभ नहीं मिला। क्योंकि सरकार ने इसके लिए बजट ही नहीं दिया तो निर्माण श्रमिक की एक भी बेटी के न तो हाथ पीले हो सके और न ही आगे की पढ़ाई।

वे न तो ट्रेनिंग लेकर अपनी स्किल बढ़ा सकीं और न ही अच्छा रोजगार पा सकीं। थोड़ी सी आर्थिक सहायता के लिए वे विभाग के चक्कर लगाकर थक चुकी हैं। विभाग द्वारा जनवरी, 2016 में शुभ शक्ति योजना लागू हुई थी। इसमें वही महिला श्रमिक पात्र हैं जो 8वीं पास हों और उनके घर में शौचालय हो। श्रम विभाग में पंजीकृत संनिर्माण श्रमिकों की बेटी (अधिकतम दो) की आयु 18 वर्ष होने पर उसे 55 हजार रुपए की सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

व्यवस्था तो यहां तक है कि बेटी की उम्र 18 साल होने पर स्वत: राशि ही उनके खाते में पहुंच जाएगी। इस राशि को श्रमिक बेटी की शादी, अपनी आगे की पढ़ाई, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्व-रोजगार शुरू करने के लिए खर्च किया जा सकता है। गत वर्ष अप्रैल, 2020 से लेकर फरवरी, 2021 तक इस योजना में 1347 आवेदन किए गए। इनमें से 6 आवेदनों को खामियां बताकर निरस्त कर दिया गया।

हे सरकार! अब तो इनका दर्द समझिए

रुपए मिल जाते तो बेटी की शादी करने में आसानी हो जातीः अतर सिंह

रसाले वाला मोहल्ला निवासी अतर सिंह कहते हैं कि करीब दो साल पहले उन्होंने शुभ शक्ति योजना में आवेदन किया था। पिछले एक साल से श्रम कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं। अधिकारी कहते हैं ऊपर से बजट ही नहीं आया है। अगर उसे योजना में देय 55 हजार रुपए मिल जाते तो बेटी की शादी करने में आसानी होती। लेकिन, अब ऐसा लगता है कि कर्जा लेकर ही बेटी के हाथ पीले करने होंगे। क्योंकि यहां से तो उम्मीद टूट रही है।

एक साल से नहीं मिला योजना का लाभ : भारती

गुलालकुंड की भारती ने बताया उसने शुभ शक्ति योजना में सहायता के लिए आवेदन किया तो बताया कि 4-5 महीने में पैसा मिल जाएगा। एक साल में भी योजना का लाभ नहीं मिला है। उसके मां-बाप हैं नहीं। पैसा मिलता तो शादी में सहारा लग जाता।

दो साल में उम्मीद भी टूटी: शोभाराम

कंपनी बाग के शोभाराम बताते हैं उन्होंने दो साल पहले शुभ शक्ति योजना में आवेदन किया। उम्मीद थी पैसे मिल जाएंगे तो बेटी सोनम की शादी में सहारा लग जाएगा। पैसे नहीं मिले तो उधार लेकर बेटी की शादी की।

सीधी बात- ओपी सहारण, संयुक्त श्रम आयुक्त

सवालः शुभ शक्ति योजना में आवेदकों को लाभ क्यों नहीं मिल रहा ?

जवाबः 2016 में शुरू हुई योजना में पहले लोगों को लाभ मिला। फिर सरकार ने बजट देना बंद कर दिया।

सवालः बजट के लिए क्या आपके स्तर पर कोई कार्रवाई की गई है?

जवाबः उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे हैं। स्पष्ट आदेश नहीं मिला है।

सवालः अब क्या लगता है, आवेदकों को योजना का लाभ मिल पाएगा।

जवाबः बजट मिलता है तो आवेदकों को लाभ जरूर दिया जाएगा।