अब दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन:पहली बार आगरा-बांदीकुई ट्रैक पर दौड़ी इलेक्ट्रिक ट्रेन, भरतपुर से चढ़े 200 यात्री
करीब डेढ़ साल इंतजार करने के बाद अब भरतपुर-बांदीकुई रेल मार्ग पर 1 अप्रैल से इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें दौड़ने लगी हैं। रेलवे के आगरा मंडल ने पहली बार आगरा फोर्ट -अजमेर इंटरसिटी ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन के साथ दौड़ाया। ट्रेन में डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन को देख एकबारगी रेलवे कर्मचारियों और यात्री हतप्रभ रह गए, लेकिन ट्रेन की स्पीड पहले की अपेक्षा अधिक थी। शनिवार को 200 यात्री ट्रेन में सवार हुए।
अब जल्द ही जोधपुर–वाराणासी मरुधर एक्सप्रेस और उदयपुरसिटी–खजुराहो एक्सप्रेस और इनके बाद आगरा-बांदीकुई ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल से पहले आगरा और बांदीकुई जाने वाले यात्रियों की संख्या सर्वाधिक होती थी। रोजाना करीब एक हजार यात्री आगरा और बांदीकुई के लिए सफर करते हैं। इनमें नौकरीपेशा वाले लोगों की संख्या अधिक है। वहीं, व्यापारी भी आगरा से माल लेकर आते हैं।
ट्रेनों की स्पीड अब 90 से बढ़कर 120 किमी प्रति घंटा होगी, आधा घंटे पहले पहुंचेंगे जयपुर
आगरा मंडल के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि अब इलेक्ट्रिक लाइन चालू होने के बाद भरतपुर से जयपुर पहुंचने में करीब 30 मिनट का समय बचेगा। अभी करीब 3 घंटे का समय लगता है। इसके बाद लगभग ढाई घंटे में यह दूरी तय की जा सकेगी। इसके अलावा भरतपुर से आगरा और बांदीकुई पहुंचने में भी 15-20 मिनट के समय बचेगा। भरतपुर से बांदीकुई तक करीब 90 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग का इलेक्ट्रिकरण का काम लगभग डेढ़ साल पहले ही पूरा हो चुका था। अभी तक डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेनों की स्पीड 80-90 किमी प्रति घंटा के करीब होती है। अब आगरा-बांदीकुई रेलवे लाइन के इलेक्ट्रिक होने के बाद ट्रेन की रफ्तार 110-120 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। इस रेलमार्ग पर ट्रेनों की संख्या भी बढ़कर डेढ गुनी हो जाएंगी।
यह राज्य का सबसे पुराना रेलवे ट्रैक
रेलवे अफसरों के अनुसार ईदगाह (आगरा) से बांदीकुई तक का रेलवे ट्रैक प्रदेश में सबसे पुराना है। यह लाइन सन 1874 में डाली गई थी। तब यहीं से पहली बार ट्रेन का राजस्थान में प्रवेश हुआ था, लेकिन इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन काफी बाद में हुआ है। इस रेलवे मार्ग का विद्युतीकरण कार्य करीब डेढ़ साल पहले पूरा हो गया था। ट्रॉयल के बाद सीआरएस ने ट्रेन चलाने की हरी झंडी भी दे दी थी, लेकिन तब प्रशासन ने जयपुर-दिल्ली के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन शुरू कर दी थी। इसलिए भरतपुर का मामला टल गया था। अब करीब डेढ़ साल के इंतजार के बाद इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन शनिवार से शुरू हो गई है।


